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सीबीएसईः अब किताब खोलकर दे सकेंगे टर्म एग्जाम, इसे लागू करने पर चल रहा है मंथन

Mon, 27 Jul 2020 01:00 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सीबीएसई परीक्षा
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सुनने में थोड़ा अजीब है मगर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से प्रत्येक वर्ष होने वाले टर्म एग्जाम या असेसमेंट में ओपेन बुक सिस्टम लागू करने पर विचार कर रहा है। जहां परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को किताब खोल कर लिखने की छूट दी जाएगी।

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इस सिस्टम के तहत बने प्रश्न सारे रिसर्च पर आधारित होंगे। अच्छी तरह से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी ही इन सवालों का आसानी से जवाब दे पाएंगे। हर सवाल का जवाब देने के लिए उनके पास समय सीमा निर्धारित होगी। बोर्ड की ओर से नई पहल की जानकारी स्कूलों की दी जा रही है। फिलहाल इसका आदेश गोरखपुर नहीं आया है।

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बोर्ड का मानना है कि बच्चे ऑनलाइन ही परीक्षा देंगे। ऐसे में उनके ऊपर नजर रख पाना संभव नहीं है। लेकिन उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई में समझ में आ रही है। ये बताने में ओपेन बुक सिस्टम बेहद कारगार होगा। किसी सवाल का जवाब देने के लिए छात्रों को एक मिनट से भी कम समय दिया जाएगा।

बच्चों को किताब देखने की छूट रहेगी। फिलहाल इसे पांचवी से ऊपर की कक्षाओं में लागू किया जा सकता है। अभी तक टर्म एग्जाम लिखित परीक्षा के आधार पर होता था। मगर अब बोर्ड की ओर से इस पद्धति में बदलाव करने की तैयारी है।

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2013 में किया गया था लागू

वर्ष-2013 में सीबीएसई की ओेर से ओपेन बुक सिस्टम लागू किया गया था। लेकिन इसका विरोध होने पर इसे वापस ले लिया गया। क्योंकि इस आधार पर रिजल्ट में कमी आई थी। छात्र ओपेन बुक सिस्टम को स्वीकार नहीं कर पाए थे।

अगर नहीं चली कक्षाएं तो प्रमोट करने में होगी आसानी
कोरोना संकट की वजह से मार्च से ही स्कूल बंद चल रहे हैं। आगे भी कक्षाओं का संचालन कब से शुरू होगा, इसकी तस्वीर अभी साफ नहीं हैं। ऐसे में अगर पूरे साल कक्षाएं नहीं चलती है तो बच्चों को प्रमोट करने के लिए टर्म एग्जाम और असेसमेंट की भूमिका बेहद अहम होगी।

कोरोना संकट के दौर में बोर्ड की ओर से टर्म एग्जाम और असेसमेंट में ओपन बुक सिस्टम लागू करने पर विचार चल रहा है। सत्र को बचाने के लिए ये एक बेहतर विकल्प है। जिसके आधार पर बच्चों को मूल्यांकन कर, उन्हें अगली कक्षाओं में प्रवेश दिलाया जा सकेगा। -अजय शाही, डायरेक्टर आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स
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