गोरखपुर में नशीली दवाओं का कारोबार करने वाले व्यापारियों पर शासन ने नकेल कसनी शुरू कर दी है। थोक व फुटकर दवा विक्रेताओं के लिए दवा की खरीद व बिक्री की सीमा को निर्धारित कर दिया गया है। व्यापारी दवाओं को अधिक स्टॉक नहीं रख सकेंगे। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन के आयुक्त एके जैन ने आदेश जारी कर दिया है।
स्वतंत्रता दिवस पर जारी इस आदेश में नशीली दवाओं स्टॉक को नियंत्रित करने की पहल की गई है। इसके तहत खांसी के विशेष सिरप की खरीद व बिक्री को नियंत्रित किया गया है। इसके तहत थोक विक्रेता 1000 शीशी से अधिक का भंडारण नही कर सकेंगे। थोक विक्रेता द्वारा एक फुटकर विक्रेता को 100 बोतल बिल की जा सकेगी। फुटकर विक्रेता अधिकतम 100 बोतल का भंडारण कर सकेगा।
वहीं नींद व अवसाद के इलाज की कुछ दवाओं को एक रेंज में रखा गया है। थोक विक्रेता इनके 10 हजार टेबलेट या कैप्सूल से अधिक का भंडारण नही कर सकेंगे। वहीं एक रिटेलर को 200 कैप्सूल या टेबलेट का बिल दे सकेंगे। फुटकर विक्रेता इन दवाओं को ग्राहक को चिकित्सक के परामर्श के मुताबिक ही बेच सकेगा। वह ग्राहक को हर पर्चे पर अधिकतम 20 टेबलेट ही दे सकेगा।