अब टीटीई का तबादला दूसरे स्टेशनों पर नहीं होगा, बल्कि वे जहां तैनात होंगे वहीं कार्य का स्वरूप बदल जाएगा। मसलन, ट्रेन मैनिंग (ट्रेन में चलने वाले टीटीई) से स्क्वॉड एवं रेड टीम में और रेड टीम से ट्रेन मैनिंग में तैनाती होगी। इससे संबंधित रेलवे बोर्ड का नियम भी है, लेकिन बहुत सारे टीटीई का तबादला इसका उल्लंघन करते हुए किया गया। मामला संज्ञान में आने पर पूर्वोत्तर रेलवे के डिप्टी सीसीएम पीएम (उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक पैसेंजर एवं मार्केटिंग) धीरेंद्र कुमार ने सभी वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक को रेलवे बोर्ड के नियमों के अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2019 में पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में 219, वाराणसी में 90 तथा इज्जतनगर में 50 से ज्यादा टीटीई का तबादला दूसरे स्टेशनों पर कर दिया गया था। लखनऊ मंडल के 100 से ज्यादा टीटीई ने गोंडा और लखनऊ स्टेशनों पर ज्वाइन भी कर लिया। इसके बाद विरोध शुरू हो गया। इसे देखते हुए तबादला आदेश को स्थगित कर दिया गया। पिछले दिनों एनएफआईआर के जोनल सचिव रमेश मिश्र ने प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को पत्र लिखकर आवधिक स्थानांतरण के संबंध में रेलवे बोर्ड के नियमों का पालन नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया था। यह कहा गया कि नियम विरुद्ध तबादले से टीटीई और उनके परिवार को काफी परेशानी हो रही है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।