गोरखपुर। एम्स ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से प्राप्त वित्तीय सहायता से भी मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। सबसे पहले यह सुविधा राजेश यादव नाम के मरीज को मिली है, जिन्हें पिछले 10 वर्षों से एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस और बाई लेटरल एवैस्कुलर नेकरोसिस ऑफ हिप का सामना किया है। उन्हें सीएम फंड से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिसे गोरखपुर एम्स के खाते में जमा किया गया।
एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने बताया कि मुख्यमंत्री सहायता कोष से धन मिलने के बाद बृहस्पतिवार को प्रो. अजय भारती के नेतृत्व में डॉ. सुधीर श्याम कुशवाहा और डॉ. नीतीश कुमार की टीम ने राजेश यादव का ऑपरेशन किया। एनेस्थीसिया टीम के डॉ. विजेता और डॉ. सोनम पटेल ने इस कार्य में विशेष योगदान दिया। इस पहल के तहत अन्य मरीजों को भी आर्थिक सहायता और उपचार प्रदान किया गया है, जिससे उन्हें जीवन रक्षक और बहालीकरण उपचार मिल सके। एम्स प्रशासन जल्द ही अन्य सुविधाओं का भी विकास करेगा।
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क्यूआर कोड पर होगा भुगतान, एसबीआई के साथ होगा समझौता
गोरखपुर। एम्स ने अपने अस्पताल में भुगतान के लिए क्यूआर कोड आधारित प्रणाली की शुरुआत की है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य भुगतान की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाना है। इस प्रणाली से मरीजों और अस्पताल कर्मियों का समय बचेगा और भुगतान संबंधी त्रुटियों में कमी आएगी। एम्स अपने अस्पताल प्रबंधन अप्लिकेशन को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के भुगतान गेटवे के साथ जोड़ने की तैयारी में है। इससे भुगतान प्रक्रिया और सुगम होगी।
कार्यकारी निदेशक ने बताया कि इससे प्रतीक्षा समय में कमी आएगी। इलाज कराने आए लोगों को भी कम परेशानी होगी। साथ ही वित्तीय पारदर्शिता भी बढ़ेगी।