इसमें टीम को अपने कार्य का ब्योरा तो देना ही होगा, साथ ही तैयारी को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी प्रस्तुत करना होगा। साप्ताहिक प्रस्तुति का प्रारूप राजभवन से मिले मार्गदर्शन के आधार पर तैयार किया जा रहा है। साप्ताहिक प्रस्तुतियों की वर्ष में एक बार ऑडिट कराई जाएगी। इससे परिणाम के आधार पर अगले सुधार के बिंदुओं पर फोकस किया जाएगा।
दाेनों टीमों की यह भी जिम्मेदारी होगी कि वह क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग को लेकर भी कार्य करें। चूंकि क्यूएस रैंकिंग पूरी तरह विश्वविद्यालय के प्रति अकादमिक क्षेत्र में धारणा के आधार पर जारी की जाती है, ऐसे में नैक और एनआईआरएफ की टीमों को धारणा पर किए जा रहे कार्य पर फाेकस करना होगा।