- रेलवे के पास जो पुराना स्टॉक उपलब्ध है, उसे अन्य गतिविधियों में उपयोग का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अब सेवानिवृत्त होने पर रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को ''''''''गोल्ड प्लेटेड सिल्वर मेडल'''''''' (सोने की परत चढ़े चांदी के सिक्के) नहीं दिए जाएंगे। रेलवे बोर्ड ने इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सेवानिवृत्त होने पर रेलकर्मियों को सिर्फ प्रमाण पत्र, पेंशन कागजात, मेडिकल कार्ड, पीपीओ और आईडी कार्ड ही दिए जाएंगे।
रेलवे बोर्ड की प्रिंसिपल एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर रेनू शर्मा ने इस संबंध में 28 जनवरी को सभी क्षेत्रीय रेलवे महाप्रबंधक को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सेवानिवृत्त होने वाले किसी भी रेल अधिकारी व कर्मचारी को ये मेडल नहीं दिए जाएंगे।
स्टॉक में बचे मेडल का उपयोग आवश्यकतानुसार रेलवे जोन अन्य उपयोग में कर सकते हैं। माना जा रहा है कि रेलवे बोर्ड ने यह निर्णय हाल ही में पश्चिम मध्य रेलवे (भोपाल मंडल) में बांटे गए पदकों में चांदी की जगह तांबे का प्रयोग होने के बाद खराब गुणवत्ता की शिकायतों के बाद लिया है।
उधर, पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री एवं एनएफआईआर के सहायक महामंत्री विनोद कुमार राय ने रेलवे बोर्ड के इस फैसले को कर्मचारियों और अधिकारियों के वर्षों के अथक सेवा और जीवन भर के समर्पण का अनादर बताया है। यदि पदकों की गुणवत्ता या खरीद प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी थी तो उन अनियमितताओं की जांच कर सुधार करना चाहिए। इस प्रकार के सम्मानजनक प्रतीक कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें अपने सेवाकाल में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं।