टीबी पीड़ित मरीजों का सैंपल अब डाक विभाग के डाकिए जांच केंद्र तक पहुंचाएंगे। पहले यह सैंपल कोरियर के जरिये भेजा जाता है जिसमें समय लगता था और कोरियर गायब भी हो जाता था। शासन के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग और डाक विभाग में करार हुआ है।
देश से वर्ष 2025 तक क्षय रोग (टीबी) पूरी तरह से खत्म करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को तय समय सीमा से पहले पूरा करने के लिए प्रदेश में चलाए जा रहे कार्यक्रमों और योजनाओं को धार देने की हरसंभव कोशिश की जा रही है।
इसी क्रम में टीबी मरीजों के सैंपल की जल्द से जल्द बेहतर जांच कराने के लिए राज्य क्षय रोग विभाग और भारतीय डाक विभाग में मंगलवार को करार हुआ है। इसके तहत अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में टीबी मरीजों का सैंपल लैब तक पहुंचाने का काम डाकिए करेंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि टीबी मरीजों के मामले में सबसे बड़ी चुनौती जल्दी से जल्दी जांच कराने की होती है क्योंकि एक टीबी मरीज अनजाने में न जाने कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है।
इसी को देखते हुए डाक विभाग से करार किया गया है कि वह प्रदेश के करीब 2300 अधिकृत टीबी जांच केंद्रों से लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, बरेली, मेरठ व वाराणसी में स्थित ड्रग कल्चर टेस्ट सेंटर तक 48 घंटे के अंदर सैंपल पहुंचाने का काम डाक विभाग करेगा। इससे जहां समय की बचत होगी वहीं अनजाने में किसी को टीबी जैसी बीमारी की जद में आने से बचाया भी जा सकेगा।