अपर नगर आयुक्त ने संचालकों के साथ की बैठक कर शुल्क आदि की जानकारी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। अब होटल, रिजार्ट और मैरिज हाल संचालकों को कूड़े के लिए मासिक शुल्क देना होगा। ये शुल्क मांगलिक आयोजनों के दौरान निकलने वाले कूड़ों के लिए होगा। गीले और सूखे कचरे के निस्तारण के लिए परिसर में ही निपटान की व्यवस्था भी बनानी होगी। हालांकि, सभी संचालकों को ये शुल्क नहीं देना होगा। जो संचालक कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था परिसर पर कर लेंगे, उन्हें इस शुल्क को नहीं देना होगा। जबकि, अन्य संचालकों को अपने परिसर के क्षेत्रफल के आधार पर प्रतिमाह देना होगा। नगर निगम की गाड़ी उनका सूखा और गीला कचरा एकत्र करेगी।
शहर को गारबेज फ्री सिटी बनाए जाने के उद्देश्य से अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव की अध्यक्षता में महानगर के रिजार्ट और मैरिज हाल संचालकों की बैठक हुई। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि होटल, रिजार्ट और मैरिज हाल संचालक नगर निगम में किसी पंजीकृत एजेंसी के माध्यम से कचरे का निस्तारण करा सकते हैं।
अपंजीकृत एजेंसी के माध्यम से कचरा निस्तारण कराने पर दोनों पक्षों पर जुर्माना लगेगा। यदि गीले कचरे में पके हुए भोजन की मात्रा अधिक है तो फेंकने के बजाय निकटतम गोशालाओं पर उपलब्ध करा सकते हैं। अगर कोई संचालक सहयोग नहीं कर रहा है, कचरा सड़क पर फेंका जा रहा है या अंपजीकृत एजेंसी को कचरा दिया जा रहा है तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
0- निर्धारित शुल्क
1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले मैरिज हॉल को प्रतिमाह 2100 रुपये, 1001 से 5000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले मैरिज हॉल को प्रतिमाह 4900 रुपये, 5000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले मैरिज हॉल को प्रतिमाह 10500 रुपये नगर निगम को यूजर चार्ज देना होगा।