सोमवार को इन गांवों में ड्रोन की मदद से केंद्र सरकार और सदर तहसील की टीम ने सेटेलाइट इमेजिंग का काम शुरू किया। ड्रोन से सर्वे कर आबादी वाले क्षेत्रों में बने सभी मकानों, बाउंड्रीवाल की सेटेलाइट इमेज निकाली जाएगी, जो खतौनी पर गाटा संख्या के सामने छपा भी होगा। जब भी कोई खतौनी निकालेगा, उसपर मकान के चित्र समेत कई और जरूरी जानकारियां दर्ज रहेंगी।
जो सेटेलाइट मैप अपलोड रहेगा, उसे हर छह महीने पर अपडेट किया जाएगा। ऐसा इसलिए ताकि, अगर उस मकान-जमीन में कोई बदलाव हुआ हो, या वहां कोई निर्माण हुआ हो तो वह सब अपडेट हो जाए।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत सदर तहसील के पांच गांव पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चयनित किए गए हैं। इन गांवों में ड्रोन से सर्वे शुरू हो गया है। प्रयास सफल हुआ तो जल्द ही दूसरे सभी गांवों में भी योजना को लागू किया जाएगा।