एम्स में एमबीबीएस छात्रा के साथ छेड़खानी मामले की आंच सुरक्षा एंजसी कोर कंपनी पर पड़ने लगी है। एम्स प्रशासन की सख्ती के बाद अब कंपनी ने यहां तैनात गार्डों की जांच कराने का फैसला लिया है। सभी का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा। साथ ही ऐसे गार्डों की सूची भी बनाई जा रही है, जिन पर पहले से कोई आरोप है या किसी प्रकार का केस दर्ज है।
छात्रा से छेड़खानी का आरोपी गार्ड जेल जा चुका है। इसके अलावा एक सुपरवाइजर व चार गार्ड निलंबित भी किए गए हैं। लेकिन, मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी ने अपने अन्य गार्डों की जांच कराने की बात कही है। चर्चा है कि कई गार्डों पर पहले से लूट, छेड़खानी समेत अन्य धाराओं में एफआइआर दर्ज है।
दो गार्ड कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर भी आए हैं। इनकी भी दोबारा तैनाती होने की बात कही जा रही है। ऐसे में संस्थान में पढ़ने वाली छात्राओं ही नहीं इलाज के लिए आने वाली महिलाओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
एम्स में एमबीबीएस छात्रा से छेड़खानी के आरोप में बर्खास्त गार्ड सतपाल यादव का परिवार इस पूरे घटनाक्रम पर विश्वास नहीं कर पा रहा है।