शिक्षक का निलंबन करने पर उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाई एक महीने के अंदर पूर्ण करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापक की जवाबदेही तय की जाएगी। जिला प्रशासन, बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी अपने स्तर पर किसी भी तरह की परीक्षा का आयोजन नहीं करा सकेंगे।
नेतागीरी पर लगेगी लगाम
विद्यालय की अवधि में शिक्षक किसी राजनीतिक या अन्य गतिविधि में शामिल नहीं हो सकेंगे। अति आवश्यक होने पर पहले सक्षम स्तर से अनुमति लेनी होगी। विद्यालय अवधि में रैली, प्रभातफेरी, मानव शृंखला, नवाचार, गोष्ठी का आयोजन नहीं किया जाएगा। शिक्षक स्कूल की अवधि में अपने अवकाश स्वीकृत कराने या अन्य किसी कार्य से खंड शिक्षा अधिकारी या बीएसए दफ्तर भी नहीं जा सकेंगे।
हर महीने प्रधानाध्यापकों की बैठक
हर महीने के चौथे शनिवार को विकास खंड स्तर पर प्रधानाध्यापकों की बैठक होगी। इसमें मिशन प्रेरणा, कायाकल्प, मिड डे मील योजना, निशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण और यूनिफॉर्म वितरण की समीक्षा की जाएगी। सप्ताह में एक बार प्रधानाध्यापक की अध्यक्षता में शिक्षकों की बैठक भी होगी। शिक्षकों के सभी प्रकार के प्रशिक्षण ऑनलाइन ही किए जाएंगे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि शासन की ओर से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दो सप्ताह में बच्चों को टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया है। बच्चों के सीखने की क्षमता के आधार पर उनके समझने की क्षमता को बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर काम होगा। आदेश के बारे में सभी खंड शिक्षाअधिकारियों के मार्फत प्रधानाध्यापकों को जानकारी दी जा रही है।