अगर परिवहन निगम के नियमित या संविदा कर्मियों ने अपने पत्नी, भाई या फिर रिश्तेदारों के नाम से निगम में बसें अनुबंधित करवा रखी हैं तो अब उनके अनुबंध समाप्त हो जाएंगे। मुख्यालय से इस संदर्भ में आदेश मिलने के बाद आरएम पीके तिवारी ने गोरखपुर परिक्षेत्र के आठ बस मालिकों को नोटिस जारी करते हुए उनके बस के अनुबंध को समाप्त करने की तैयारी कर ली है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अपर प्रबंध निदेशक राधेश्याम ने जारी निर्देश में कहा है कि लगातार इस बात की शिकायतें मिल रही हैं कि रोडवेज के विभागीय कर्मचारी व अधिकारी उत्तर प्रदेश परिवहन निगम कर्मचारी सेवानियमावली-1961 के विनियम 9(14) नियमों की अवहेलना करते हुए अपने निजी संबंधी सदस्यों के नाम से बसों को परिवहन निगम में अनुबंधित करवाकर संचालित करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी व कर्मचारी का निजी वाहन रोडवेज में अनुबंध पर न लगाया जाए। इस परिप्रेक्ष में सभी अनुबंधित वाहनों का 15 दिन में परीक्षण कर लिया जाए। अगर किसी कर्मचारी या अधिकारी के वाहन संचालित होते हुए मिले तो उन वाहनों का अनुबंध समाप्त कर तत्काल हटा दिया जाए।
एआरएम केके तिवारी ने कहा कि मुख्यालय से निर्देश मिला है, जिसके बाद वाहनों की पड़ताल कराई जा रही है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के वाहन अनुबंधित मिलने पर उन्हें हटा दिया जाएगा।