गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रावासों में आगजनी और फायरिंग के मामले में आरोपियों की पहचान कर पाने में विफल विवि प्रशासन ने नया पैंतरा अपनाया है। इस मामले में विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन करने वाले छात्रनेता अब निशाने पर हैं।
मामले में विश्वविद्यालय ने पांच छात्र नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। छात्र नेता गौरव वर्मा, नितेश मिश्र, आर्या यादव, योगेश प्रताप सिंह और शिवम मिश्र को नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में छात्रनेता से पूछा गया है कि विश्वविद्यालय के छात्रावास में हुई आगजनी के वक्त कहां थे? तीन दिनों में इसका लिखित जवाब खुद नियंता कार्यालय में उपस्थित होकर दें। गौरव वर्मा ने बताया कि नोटिस का जवाब नियंता को दे दिया हूं।
उन्होंने कहा कि छात्र हितों के लिए विश्वविद्यालय में संघर्ष करने के परिणाम स्वरूप विश्वविद्यालय प्रशासन आए दिन प्रवेश निरस्त करने से लेकर मुकदमा कराने धमकी देता रहता है। इसी क्रम में यह कारण बताओ नोटिस दिया गया है।