गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद ने कहा कि आईटी सेल के प्रभारी ने बताया कि छह से सात की संख्या में आए छात्रों ने आईटी सेल में घुसकर ताला तोड़ दिया और अव्यवस्था फैलाई। कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया है। जो घोर अनुशासनहीनता तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाला आपराधिक कृत्य है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग में बने आईटी सेल में सोमवार को छात्रों ने जमकर हंगामा किया। छात्रों की शिकायत थी कि वर्ष 2022 में उत्तीर्ण किसी भी कक्षा के छात्र के लिए प्राइवेट फॉर्म भरने का विकल्प वेबसाइट पर नहीं है। आईटी सेल के कर्मचारियों से उनकी कहासुनी भी हुई और नौबत मारपीट तक आ गई।
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नाराज विद्यार्थियों ने चैनल पर लगा ताला तोड़ दिया और अंदर घुस गए। हालांकि, कुछ देर बाद ही छात्र चले गए। विवि प्रशासन ने एक छात्र की पहचान कर उसे निलंबित कर दिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य की पहचान की जा रही है। सभी के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन केस भी दर्ज कराएगा।
विश्वविद्यालय परिसर में यह घटना दोपहर करीब सवा बजे की है। प्रशासनिक भवन से कुछ छात्र आईटी सेल पहुंचे। उनका कहना था कि प्राइवेट फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 20 दिसंबर है। वर्ष 2022 में इंटरमीडिएट से लेकर एमए तक विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन प्राइवेट फॉर्म के लिए विकल्प ही नहीं है। सिर्फ 2021 तक उत्तीर्ण विद्यार्थी ही फॉर्म भर सकते हैं।
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ऐसे में प्राइवेट फॉर्म भरने वाले विद्यार्थियों को मौका नहीं मिल पाएगा। वेबसाइट पर विकल्प शुरू कराने के लिए आईटी सेल के कर्मचारियों से उनकी कहासुनी होने लगी। छात्रों ने चैनल का ताला तोड़ दिया और अंदर घुस गए। कर्मचारियों का आरोप है कि छह से सात छात्रों ने उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद ने कहा कि आईटी सेल के प्रभारी ने बताया कि छह से सात की संख्या में आए छात्रों ने आईटी सेल में घुसकर ताला तोड़ दिया और अव्यवस्था फैलाई। कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया है। जो घोर अनुशासनहीनता तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाला आपराधिक कृत्य है। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। एक छात्र की पहचान रक्षा एवं स्त्रात्जिक अध्ययन विभाग के प्रभात रंजन पुत्र सतीश चंद के रूप में कर ली गई है। इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शेष लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराकर अब विधिसम्मत कार्रवाई होगी।