सरदारनगर स्थित सरैया डिस्टिलरी के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर (जेएमडी) गुरमेहर सिंह मजीठिया के खिलाफ एसीजीएम कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। उनपर यह कार्रवाई 1.81 करोड़ रुपये का चेक बाउंस होने के मामले में चल रही सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित नहीं होने पर हुई है। दिल्ली के साकेत नगर में रहने वाले गुरमेहर सिंह मजीठिया को गिरफ्तार कर कोर्ट में उपस्थित करने के लिए एसएसपी गोरखपुर और डीसीपी नई दिल्ली को निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक शहर के हजारीपुर मोहल्ले के रहने वाले हरिश्चंद्र जायसवाल को वर्ष 2018-19 में कुशीनगर एवं मऊ जिले में सरैया डिस्टिलरी की शराब के वितरण का काम मिला था। कंपनी ने हरिश्चंद्र से सिक्योरिटी के तौर पर करीब 1.81 करोड़ रुपये जमा कराए थे। कुछ ही महीने बाद प्रदूषण आदि के मामले में डिस्टिलरी कुछ समय के लिए बंद हो गई। इसपर हरिश्चंद्र ने काम छोड़ते हुए, सिक्योरिटी मनी की मांग की।
आरोप है कि पहले तो डिस्टिलरी के जेएमडी उन्हें आज-कल का हवाला देकर टालते रहे। बाद में मार्च 2020 में उन्होंने एक करोड़ रुपये का एक और 81 लाख 76 हजार रुपये का दूसरा चेक सौंपा। करीब दो महीने बाद जब हरिश्चंद्र ने दोनों चेक बैंक में लगाए तो वे बाउंस कर गए। इसपर वह कोर्ट की शरण में चले गए।
एसीजीएम प्रथम कोर्ट से डिस्टिलरी के जेएमडी गुरमेहर को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए पहले समन जारी किया गया। तय तिथि पर उपस्थित नहीं होने पर जमानती वारंट जारी हुआ। इसपर भी जब वे नहीं उपस्थित हुए तो सात दिसंबर को उनके खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए, गोरखपुर और नई दिल्ली की पुलिस को उन्हें गिरफ्तार कर उपस्थित करने का आदेश सुनाया है। इस मामले में सरैया डिस्टिलरी के जेएमडी गुरमेहर सिंह का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, मगर संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष आने पर प्रकाशित किया जाएगा।