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उपभोक्ता फोरम : अध्यक्ष का इंतजार, फाइलों का बढ़ रहा अंबार

Sat, 04 Jul 2026 02:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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गोरखपुर। उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से गठित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (उपभोक्ता फोरम) खुद संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। गोरखपुर में फोरम के अध्यक्ष का पद लंबे समय से खाली है। कार्यवाहक अध्यक्ष हफ्ते में तीन दिन ही सुनवाई के लिए पहुंच पाते हैं। इससे फाइलों का अंबार बढ़ रहा है।
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वर्ष 1988 में स्थापित आयोग में चार हजार से अधिक मामले लंबित हैं। इनमें कई वाद ऐसे हैं, जो वर्षों से अंतिम फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि उपभोक्ता संरक्षण कानून का उद्देश्य सामान्य परिस्थितियों में तीन माह के भीतर विवादों का निस्तारण करना है। वर्ष 2024 से ही स्थायी अध्यक्ष नहीं होने के कारण संतकबीर नगर के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह को गोरखपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इससे दोनों जिलों के मामलों का दबाव एक ही अधिकारी पर आ गया है। इसका सबसे बड़ा असर मुकदमों के निस्तारण पर पड़ा है।
आयोग में 50 लाख रुपये तक के वस्तु एवं सेवा संबंधी विवादों की सुनवाई होती है। खराब सामान, चिकित्सा लापरवाही, बीमा, बैंकिंग, बिल्डर, ई-कॉमर्स और अन्य सेवाओं से जुड़े मामलों में हर साल बड़ी संख्या में नए वाद दाखिल होते हैं लेकिन नियमित अध्यक्ष नहीं होने से नए मामलों के साथ पुराने मामलों का भी अंबार बढ़ता जा रहा है। अभी बृहस्पतिवार, शुक्रवार और शनिवार को सुनवाई हो रही है।
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बोले अधिवक्ता
त्वरित न्याय की अवधारणा तभी सफल हो सकती है, जब आयोग में नियमित अध्यक्ष और पर्याप्त न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध हो। अतिरिक्त प्रभार के सहारे चल रही व्यवस्था से न तो लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण हो पा रहा है और न ही उपभोक्ताओं को समयबद्ध न्याय मिल रहा है।
- बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव, एडवोकेट

कोट-
फोरम के अध्यक्ष की स्थायी तैनाती न होने से विवादों के निस्तारण में लंबा समय लग रहा है। इससे उपभोक्ताओं को फैसले का इंतजार करना पड़ रहा है। त्वरित न्याय दिलाने के लिए तीन माह में निर्णय देने की व्यवस्था की गई है।
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- कुणाल श्रीवास्तव, एडवोकेट
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