फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: दुष्कर्म का फर्जी केस दर्ज करने वाले गिरोह पर नहीं हुई कार्रवाई, ADG ने मांगी जांच की प्रगति रिपोर्ट

Fri, 04 Nov 2022 11:36 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

मई 2022 में कैंपियरगंज के निवासी व पीड़ित खालिद ने एडीजी से शिकायत की थी। एडीजी के आदेश पर एसएसपी ने मामले की जांच दो सीओ से कराई। सीओ बांसगांव व सीओ कैंट ने जांच की। जांच में पाया गया कि गिरोह के सदस्य फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर वसूली करा रहे हैं।
विज्ञापन
एडीजी जोन अखिल कुमार( file) - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर जिले में दुष्कर्म का फर्जी केस दर्ज कराकर पीड़ितों से रुपये ऐंठने वाली महिलाओं के गिरोह पर कार्रवाई से पुलिस ने तौबा कर लिया है। बीते सात अगस्त को केस दर्ज होने के 85 दिन भी पुलिस एक भी आरोपी को न तो दबोच सकी है और न ही इसमें कोई ऐसी कार्रवाई की गई, जिससे गिरोह में शामिल आरोपियों में डर हो।

विज्ञापन


उधर, परेशान पीड़ित अफसरों के यहां प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगा रहा है। मामले का एडीजी जोन अखिल कुमार ने एक बार फिर संज्ञान लिया है और अब तक की हुई जांच की प्रगति रिपोर्ट मांग ली है।

जानकारी के मुताबिक, मई 2022 में कैंपियरगंज के निवासी व पीड़ित खालिद ने एडीजी से शिकायत की थी। एडीजी के आदेश पर एसएसपी ने मामले की जांच दो सीओ से कराई। सीओ बांसगांव व सीओ कैंट ने जांच की। जांच में पाया गया कि गिरोह के सदस्य फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर वसूली करा रहे हैं।
विज्ञापन


मामला जांच में पुष्ट होने के बाद सात अगस्त को कैंट थाने में केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन इस मामले में आज तक एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। जबकि, खुद पुलिस अफसर भी मानते है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से कोर्ट के जरिये दुष्कर्म के केस दर्ज कराने के मामले कम हुए हैं।

 

Trending Videos
विज्ञापन

एफआर लगाने वाले दरोगा ने दिया था शपथ पत्र

गिरोह की महिला ने 2016 में कैंपियरगंज थाने में तीन लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। मामले में आरोपी पहले जेल भेजे गए, फिर पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की। अफसरों के आदेश पर हुई जांच में पुलिस ने पाया कि मामला पूरी तरह से फर्जी है। विवेचक ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी।

महिला को जैसे ही इसकी जानकारी हुई, उसने विवेचक रहे दरोगा पर ही लूट, बलवा, धमकी देने का केस दर्ज करा दिया। इस बार उसका आरोप था कि केस के जांच के दौरान दरोगा ने उससे रुपये छीन लिए और धमकी दी। दरोगा ने सीओ बांसगांव को दिए शपथ पत्र में महिला को पेशेवर और अधिवक्ता को संरक्षक बताया है।

फर्जी केस दर्ज कराकर ली चार लाख का सरकारी मदद
सीओ बांसगांव की जांच में सामने आया है कि एक मामले में न्यायालय के आदेश पर दर्ज केस में सरकारी मदद के चार लाख रुपये महिला ने ले लिए। इस मुकदमे में भी अधिवक्ता वही है। जबकि, इस केस की जांच कर विवेचक ने एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी थी।

पीड़ित ने दर्ज कराया था केस
कैंपियरगंज के खालिद की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोप है कि गिरोह में शामिल महिलाएं फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर लोगों से वसूली करती हैं। उनकी शिकायत पर पहले दो सीओ ने जांच की थी, जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर गिरोह पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

एडीजी गोरखपुर जोन अखिल कुमार ने कहा कि यह गंभीर मामला है, इसमें कड़ी कार्रवाई होगी। मामले में अब तक हुई जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर, पुलिस की लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें