निर्भया के गुनहगारों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने में गोरखपुर के अधिवक्ता भानू प्रकाश पांडेय के बेटे व पीड़िता के दोस्त अवनींद्र की भूमिका बहुत अहम रही।
सात साल से बचने के लिए हरसंभव चाल चल रहे दरिंदों को सजा दिलाने में इकलौते चश्मदीद गवाह दोस्त की गवाही अहम कड़ी साबित हुई। हालांकि, इस घटना के बाद अवनींद्र अवसादग्रस्त हो गया था। कई साल दवा के बाद वह खुद को संभाल पाया। अब जब निर्भया के दरिंदे को शुक्रवार की सुबह फांसी होने वाली है ऐेसे में अब अवनींद्र के कलेजे को ठंडक मिली है।
जानकारी के मुताबिक, अवनींद्र ने तीन साल पहले शादी की है। अब वह दो साल के बेटे और पत्नी के साथ विदेश में रहकर नौकरी कर रहा है। अब फांसी पर सुप्रीम कोर्ट की अंतिम मुहर लग जाने से वह बहुत खुश है। फोन पर बताया कि फांसी पर लटकते ही उसके कलेजे को ठंडक मिल जाएगी।
घटना की रात को आज भी भूल नहीं पाता : भानू
अवनींद्र के पिता भानू प्रकाश पांडेय कहते हैं, दोषियों ने 16 दिसंबर 2012 को जैसी वीभत्स घटना को अंजाम दिया था उसके लिए फांसी से कम कोई सजा नहीं हो सकती थी। भानू प्रकाश पांडेय कहते हैं कि जिस रात घटना की सूचना मिली थी, उस दिन को आज भी भूल नहीं पाते हैं।