दोषी पवन के लालगंज थाना क्षेत्र के गांव जगन्नाथपुर में उसकी फांसी की सूचना से सन्नाटा पसरा है। पवन के नाते-रिश्तेदार चुप्पी साधे हैं तो ग्रामीण इसे विधि का विधान मान रहे हैं। गांव के प्रधान पति संजय कुमार कहते हैं, निर्भया कांड गांव के माथे पर एक कलंक है।
फिर भी गांव के किसी लाल को फांसी की सूचना सभी को उद्वेलित कर दी है। संजय गोस्वामी ने कहा जब से यह सूचना मिली है तब से पूरा गांव गमगीन है, क्योंकि यहां के लोग पवन को बचपन से जानते हैं। जिस आरोप में उसे सजा-ए-मौत दी गई है वैसा उसका स्वभाव नहीं था।
गांव के पुजारी दयानंद गोस्वामी ने कहा की विधि का विधान टाला नहीं जा सकता है। गांव के सुखई निषाद ने कहा कि पवन को फांसी हो जाएगी यह किसी को यकीन नहीं हो रहा।
वह किसी के बहकावे में आकर इस कांड में लिप्त हुआ होगा। गांव के राम दयाल ने कहा, पवन दिल्ली से जब गांव आता, तब वह यहां के बच्चों के साथ ही खेलता था। उसके बचपन की यादें इस गांव से जुड़ी हैं।