- जंगल कौड़िया फ्लाईओवर में दरारें आने का मामला
- एनएचएआई ने डीएम को सौंपी अपनी रिपोर्ट, सूक्ष्म दरारों से संरचना को नुकसान नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जंगल कौड़िया फ्लाईओवर में आई दरारों की जांच एनएचएआई ने पूरी कर ली है। इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिखाई देने वाली दरारों की मरम्मत एपॉक्सी ग्राउटिंग तकनीक से की जा रही हैं और कार्य तेजी से प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और यातायात प्रभावित नहीं हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि फ्लाईओवर के ऊपरी हिस्से पर यातायात पहले की तरह पूरी तरह सुचारु रूप से जारी है। स्वतंत्र अभियंता की विस्तृत जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि आरसीसी सतहों पर इस प्रकार की सूक्ष्म दरारें सामान्य होती हैं और संरचनात्मक रूप से हानिकारक नहीं मानी जातीं। ये दरारें मुख्य रूप से कंक्रीट के सख्त होने पर संकुचन, क्योरिंग के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव और गर्म व शुष्क मौसम में नमी के तीव्र वाष्पीकरण के कारण उत्पन्न होती हैं।
परियोजना निदेशक ललित पाल ने बताया कि उनकी ओर से भी बार-बार निरीक्षण किया गया है, जिसमें दरारों के बढ़ने जैसी कोई स्थिति नहीं मिली। संरचना की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मान्यता प्राप्त एजेंसी से ब्रिज लोड टेस्ट भी कराया जा रहा है, जो एक सप्ताह के भीतर पूरा हो जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई तुरंत की जाएगी। अधिकारियों ने साफ किया कि जंगल कौड़िया अंडरपास के ऊपर से यातायात पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु है।