आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान मे चयनित समाचार पत्र वितरक और उनके परिवार के सदस्यों के गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए अमर उजाला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बुधवार को शिविर लगा रहा है। शिविर अमर उजाला के रुस्तमपुर देवरिया बाईपास रोड स्थित बलराम टावर मेें बुधवार सुबह 11:00 बजे शुरू होगा। इन योजनाओं में आच्छादित समाचार पत्र वितरक और उनके परिवार के सदस्यों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की चिकित्सा सेवा सरकारी अस्पतालों के साथ ही शहर के 58 सूचीबद्ध अस्पतालों में निशुल्क प्राप्त होंगी।
समाचार पत्र वितरक सर्दी, गर्मी, और बरसात में कठिन हालात के बावजूद पूरे वर्ष लोगों के घर अलस्सुबह समाचार पत्र पहुंचाते हैं। ठंड, लू और बारिश का सामना करते हुए फर्ज निभाने में यह साथी बीमार भी पड़ते हैं।
परिवार में भी बुजुर्ग सदस्य और बच्चे भी कभी कभार बीमार होते हैं। गंभीर बीमारी या हादसे से ग्रस्त होने पर इलाज में लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं, यह खर्च परिवार पर आर्थिक बोझ डालता है। समाचार पत्र वितरकों की इस समस्या को दूर करने के उद्देश्य से अमर उजाला ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिल कर आयुष्मान गोल्डन कार्ड और मुख्यमंत्री जन आरोग्य कार्ड बनवाने का संकल्प लिया है।
जानिए आपका गोल्डन कार्ड बन सकता है या नहीं
आयुष्मान भारत योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का गोल्डन कार्ड के लिए आप अर्हता रखते हैं या नहीं इसकी जानकारी टोल फ्री नंबर 14555, 1800-1800-4444 पर कॉल कर ले सकते हैं। इसके अलवा आप www.merapmjay.com या www.ayushmanup.in भी जानकारी ले सकते हैं।
शहर में रहने वाले अपने वार्ड के पार्षद से और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले ग्राम प्रधान के पास उपलब्ध लाभार्थियों की सूची में अपना नाम खोज सकते हैें। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि सामाजिक आर्थिक एवं जातीय जनगणना 2011 के आधार पर जिले में 2.88 लाख परिवारों को चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत जिला प्रशासन की ओर से कराए गए सर्वे में 7355 परिवारोें का चयनित किया गया है। यदि आपका नाम इन लाभार्थी परिवारों मेें शामिल है तो आपका परिवार पांच लाख रुपये प्रति वर्ष खर्च तक मुफ्त इलाज पाने का हकदार होगा।
1416 बीमारियों का मिलेगा मुफ्त इलाज
आयुष्मान भारत योजना के तहत 1416 बीमारियों का इलाज दिए जाने की व्यवस्था है। जिले में 20 सरकारी अस्पतालों के साथ ही 58 निजी अस्पतालों में बिना एक पैसा खर्च किए पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है। निजी अस्पतालों में सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सेवाएं भी शामिल हैं।
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राशन कार्ड, आधार कार्ड जरूरी
नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी को आवश्यक रूप से राशन कार्ड और आधार कार्ड लाना होगा। परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड होने पर ही उनका गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा।