जानकार बताते हैं कि कोई भी वन्य जीव संकट के समय अपने नवजात को बचाने के लिए उसे अपने शरीर से ढंक लेती है। उसका मकसद बच्चे को सुरक्षा प्रदान करना होता है। कई बार यह प्रक्रिया बच्चे के लिए जानलेवा हो जाती है। ऐसा ही हाइना के बच्चे के साथ भी हुआ होगा।
बताते हैं कि जन्म के बाद जब तक बच्चे की मां खुद बच्चे की सुरक्षा को लेकर सहज नहीं हो जाती तब तक उसके बाड़े में कोई भी प्रवेश नहीं करता है। इस पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। ऐसा ही हाइना के बच्चे के पैदा होने के बाद भी किया गया था। चिड़ियाघर के निदेशक एच राजमोहन ने बताया कि हाइना यानी लकडबग्घे के बच्चे की मौत हो गई है। कुछ दिन पहले ही बच्चे ने जन्म लिया था।
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बिना अनुमति रात में ट्रक चिड़ियाघर में आया कैसे
हाइना के बच्चे की मौत के बाद सवाल उठ रहा है कि चिड़ियाघर में रात के समय मिट्टी से लदा ट्रक आया कैसे? वह भी ऐसे बाड़े के पास से गुजरा, जिसमें हाइना ने बच्चे को जन्म दिया था। ट्रक की धमक की वजह से हाइना का डरना वाजिब था। ऐसे में वह अपने बच्चे को सुरक्षित करने का कदम उठाती ही। जाहिर है कि मिट्टी लदे ट्रक की वजह से धरती कंपी होगी। बाड़ा भी हिला होगा।
इसी वजह से हाइना अपने बच्चे को खुद के सुरक्षा घेरे में लिया और उसकी जान चली गई। कहा जा रहा है कि ट्रक यदि रात में नहीं आया होता तो लकड़बग्घे के बच्चे की मौत न होती। बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने ठेकेदार से दिन में ट्रक लाने के लिए कहा था, लेकिन ट्रक रात में डेढ़ बजे चिड़ियाघर के अंदर आ गया। अब रात में बिना आधिकारिक अनुमति के ट्रक प्रवेश कैसे किया ये बड़ा सवाल बन गया है।
कुछ दिन पहले चोरी हो चुका है मोटर
चिड़ियाघर में कुछ दिन पहले शेर के बाड़े के पीछे लगा मोटर चोरी हो गया था। इतने दिन बाद भी पता नहीं चला कि धारदार हथियार लेकर किसी बाहरी ने प्रवेश कैसे किया। मोटर काटते समय किसी को भनक तक क्यों नहीं लगी।