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लकड़बग्घे की मौत मामला: ट्रक की धमक के कंपन से घबराकर नवजात पर बैठी मां तो घुट गया दम

Mon, 03 Apr 2023 11:55 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

जानकार बताते हैं कि कोई भी वन्य जीव संकट के समय अपने नवजात को बचाने के लिए उसे अपने शरीर से ढंक लेती है। उसका मकसद बच्चे को सुरक्षा प्रदान करना होता है। कई बार यह प्रक्रिया बच्चे के लिए जानलेवा हो जाती है। ऐसा ही हाइना के बच्चे के साथ भी हुआ होगा।

 
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चर्चा है कि (बाएं) मादा लकड़बग्घा चमेली। (दाएं) इसी नवजात हाइना के मौत की चर्चा है। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बच्चे को बचाने की मां की ममता ही उसकी मौत की वजह बन गई। मिट्टी से लदा ट्रक जब हाइना के बाड़े के पास से गुजरा तो धरती कांपने से बाड़ा भी हिल गया। इस वजह से हाइना डर गई। उसे अपने बच्चे की चिंता हुई। वह अपने शरीर का सुरक्षा घेरा बनाकर बच्चे पर बैठ गई। बच्चे की सुरक्षा के लिए वह उस पर काफी देर तक बैठी रह गई, जिससे नवजात की जान चली गई।

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बताया जा रहा है कि हाइना यानी मादा लकड़बग्घा के बगल में स्थित गैंडे के बाड़े को मिट्टी डालकर ऊंचा किया जाना है। इस पर कुछ दिनों से काम चल रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को एक ट्रक मिट्टी आनी थी।

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बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने बृहस्पतिवार की रात करीब डेढ़ बजे मिट्टी से भरा ट्रक चिड़ियाघर प्रबंधन की जानकारी के बिना भेज दिया। ट्रक देर रात पशु अस्पताल वाले रास्ते से चिड़ियाघर के अंदर आया। ट्रक जब अस्पताल के भीतर आने लगा तो उसके वजन और गति के कारण धरती में कंपन्न होने लगा। इससे लकडबग्घे का बाड़ा भी हिलने लगा।

सूत्रों का कहना है कि बाड़ा हिलने की वजह से हाइना अपने शिशु की सुरक्षा के लिए उसके ऊपर बैठ गई। उसका मकसद अपने शरीर का घेरा बनाकर शिशु की रक्षा करना था, लेकिन यही उसकी मौत का कारण बन गया। हाइना के काफी समय तक शिशु के ऊपर बैठे रहने के कारण बच्चे की मौत हो गई।

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जान बचाने के चक्कर में हुई मौत

जानकार बताते हैं कि कोई भी वन्य जीव संकट के समय अपने नवजात को बचाने के लिए उसे अपने शरीर से ढंक लेती है। उसका मकसद बच्चे को सुरक्षा प्रदान करना होता है। कई बार यह प्रक्रिया बच्चे के लिए जानलेवा हो जाती है। ऐसा ही हाइना के बच्चे के साथ भी हुआ होगा।

बताते हैं कि जन्म के बाद जब तक बच्चे की मां खुद बच्चे की सुरक्षा को लेकर सहज नहीं हो जाती तब तक उसके बाड़े में कोई भी प्रवेश नहीं करता है। इस पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। ऐसा ही हाइना के बच्चे के पैदा होने के बाद भी किया गया था। चिड़ियाघर के निदेशक एच राजमोहन ने बताया कि हाइना यानी लकडबग्घे के बच्चे की मौत हो गई है। कुछ दिन पहले ही बच्चे ने जन्म लिया था।

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बिना अनुमति रात में ट्रक चिड़ियाघर में आया कैसे
हाइना के बच्चे की मौत के बाद सवाल उठ रहा है कि चिड़ियाघर में रात के समय मिट्टी से लदा ट्रक आया कैसे? वह भी ऐसे बाड़े के पास से गुजरा, जिसमें हाइना ने बच्चे को जन्म दिया था। ट्रक की धमक की वजह से हाइना का डरना वाजिब था। ऐसे में वह अपने बच्चे को सुरक्षित करने का कदम उठाती ही। जाहिर है कि मिट्टी लदे ट्रक की वजह से धरती कंपी होगी। बाड़ा भी हिला होगा।

इसी वजह से हाइना अपने बच्चे को खुद के सुरक्षा घेरे में लिया और उसकी जान चली गई। कहा जा रहा है कि ट्रक यदि रात में नहीं आया होता तो लकड़बग्घे के बच्चे की मौत न होती। बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने ठेकेदार से दिन में ट्रक लाने के लिए कहा था, लेकिन ट्रक रात में डेढ़ बजे चिड़ियाघर के अंदर आ गया। अब रात में बिना आधिकारिक अनुमति के ट्रक प्रवेश कैसे किया ये बड़ा सवाल बन गया है।

कुछ दिन पहले चोरी हो चुका है मोटर
चिड़ियाघर में कुछ दिन पहले शेर के बाड़े के पीछे लगा मोटर चोरी हो गया था। इतने दिन बाद भी पता नहीं चला कि धारदार हथियार लेकर किसी बाहरी ने प्रवेश कैसे किया। मोटर काटते समय किसी को भनक तक क्यों नहीं लगी।

 
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