गोरखपुर। कैंसर मरीजों के बेहतर उपचार और सर्जरी के दौरान आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से एम्स में शनिवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘आंकोज-2026’ का शुभारंभ हुआ। इसमें पहुंचे कैंसर विशेषज्ञों ने ऑन्को एनेस्थीसिया, सर्जिकल तकनीक, दर्द प्रबंधन और मरीजों की देखभाल से जुड़े विषयों पर अनुभव साझा किए।
पहले दिन ‘इंट्रोडक्शन टू द आर्ट ऑफ ऑन्कोएनेस्थीसिया’ सत्र में जीएमसी कानपुर के प्रो. अनिल वर्मा ने एनेस्थेटिक एजेंट्स एंड कैंसर रिकरेंस-एविडेंस अपडेट विषय पर जानकारी दी। टाटा मेडिकल सेंटर, कोलकाता की प्रो. ज्योत्सना गोस्वामी ने कैंसर मरीजों में प्रीहैबिलिटेशन और रिस्क स्ट्रेटिफिकेशन पर चर्चा की। आईएमएस बीएचयू के प्रो. यशपाल सिंह ने ईआरएएस प्रोटोकॉल्स इन ऑन्को-एनेस्थीसिया प्रैक्टिस की जानकारी दी।
केएमआईओ बंगलूरू की प्रो. नम्रता रंगनाथ ने हेड एंड नेक कैंसर सर्जरी में कठिन एयरवे प्रबंधन की रणनीतियों पर व्याख्यान दिया। टीएमएच मुंबई के डॉ. सोहन सोलंकी बीएचयू की डॉ. प्रदीपिका गंगवार , एम्स गुवाहाटी के डॉ. सतीश गुनाशेकर ने भी जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने किया। विशिष्ट अतिथि आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी एवं कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के अध्यक्ष एयर कमोडोर डॉ. प्रदीप जायसवाल, विशिष्ट अतिथि अंडमान एंड निकोबार आईएमएस के निदेशक प्रो. मुकेश त्रिपाठी, एम्स की डीन प्रो. डॉ. महिमा मित्तल, सचिव डॉ. अंकिता काबी मौजूद रहीं।