- गोरखपुर-सोनौली हाईवे पर स्थित जंगल कौड़िया का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
जंगल कौड़िया (गोरखपुर)। गोरखपुर-सोनौली हाईवे पर स्थित जंगल कौड़िया फ्लाईओवर में सोमवार को दो नईं जगह गहरी दरारें दिखीं। इंटर कॉलेज की तरफ वाले तीन लेन में ये दरारें स्पष्ट दिखाई दीं। इसके बाद स्थानीय लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। लोग इसे मिलावट और लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं।
वहीं, पुलिस चौकी की तरफ वाले तीन लेन में पहले से मौजूद दरारों को विशेष केमिकल से भरकर सोमवार सुबह ही उस पर सफेदी कर दी गई। इस हिस्से पर पूरी तरह यातायात बंद कर दिया गया है।
अब गोरखपुर-सोनौली आने-जाने वाले सभी वाहन केवल इंटर कॉलेज वाले तीन लेन से ही गुजर रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे मौके पर 10 से 12 अधिकारी पहुंचे। फ्लाईओवर के नीचे हर 12-12 फीट की दूरी पर कंक्रीट की ढलाई कर तीन अस्थायी लोहे के पिलर खड़े किए गए। इन पिलर के ऊपरी सिरे पर विशेष सेंसर लगाए गए हैं जो फ्लाईओवर की छत से जुड़े हुए हैं।
दिल्ली से आए विशेषज्ञ इन सेंसर की रीडिंग हर घंटे नोट कर रहे हैं। साथ ही अंडरपास के स्थायी पिलरों में छेद करके थर्मामीटर भी लगाए गए हैं, जिनकी रीडिंग भी लगातार की जा रही है। जहां अब तक दरारें नहीं भरी गई हैं, वहां मजदूर मरम्मत कार्य में लगे रहे।
इन सब के बीच फ्लाईओवर में दो जगह नई दरारें दिखने से हड़कंप मच गया है। लोग फ्लाईओवर की निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाने लगे हैं।
विधायक ने अधिकारियों को दी हिदायत, कहा- गड़बड़ी मिली तो फ्लाईओवर दोबारा बनेगा
सोमवार शाम साढ़े चार बजे विधायक फतेह बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और दरारों का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने अधिकारियों से दरारों के आने का कारण पूछा और अब तक हुए लोड टेस्ट की रिपोर्ट मांगी। हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारी टालमटोल करते रहे। इस पर विधायक भड़क गए और अधिकारियों को फटकार लगाई। विधायक ने साफ शब्दों में कहा दोष छिपाने से काम नहीं चलेगा। अगर कहीं भी निर्माण में गड़बड़ी मिली है तो पूरा अंडरपास तोड़कर दोबारा बनवाया जाएगा। गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने मौके पर काम कर रहे मजदूरों से भी सीमेंट-रेत का अनुपात पूछा और स्थानीय लोगों से भी इस बारे में जानकारी प्राप्त की। नागरिकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पूरे मामले को एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और शीघ्र जांच प्रक्रिया पूरी करने और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए निर्देशित किया।
कोट
जिस लेन से भार परीक्षण होगा उस पर आवागमन बंद रहेगा। नईं दरारें दिखाई दी हैं तो उसकी भी जांच की जाएगी।
- ललित प्रताप पाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई