इसी तरह ब्लाक के ही लखनऊरा में एक दिल्ली तो नौ लोग मथुरा से आए हैं। सभी गांव में ही घूम रहे। स्वास्थ्य विभाग ने जांच कर उन्हें घर में ही रहने की सलाह दी थी लेकिन वह मान नहीं रहे। ददरी में दो और कल्याण गांव में तीन लोग बाहर से आए।
वे भी क्वारंटीन प्रोटोकाल का पालन नहीं कर रहे। इसी तरह पाली ब्लाक के मलउर और नेवास में तो लोगों प्राथमिक विद्यालयों में बने क्वारंटीन सेंटर में हैं लेकिन इटार, रिठुआखोर, बगोहिया, सेमरी, टड़वा, बनकटिया, अलगटपुर और धर्मदास में बाहर से आए 15 से अधिक लोग अपने घर पहुंच गए।
सीडीओ हर्षिता माथुर ने कहा कि जिले के सभी 1352 पंचायतों के प्राथमिक विद्यालयों या सामुदायिक भवनों में क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। बाहर से आ रहे लोगों को वहीं पर 14 दिन के लिए रखा जा रहा। उनके सेहत की जांच कराई जा रही।
उनके खाने-पीने का इंतजाम किया जा रहा। सूचना मिली है कि रविवार की रात और सोमवार की सुबह जिले में पहुंचे कुछ लोग सीधे घर चले गए हैं। स्वास्थ्य टीम भेजकर उनकी जांच कराने के साथ ही उन्हें क्वारंटीन सेंटर लाया जा रहा है।