शिमला-कालका, दार्जिलिंग, मणिपुर और असोम की तरह पूर्वोत्तर रेलवे में भी टूरिस्ट ट्रेन चलाने की मंजूरी रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर रेलवे को दे दी है। यह टूरिस्ट ट्रेन इज्ज्तनगर डिवीजन के मैलानी से बिछिया के बीच चलाई जाएगी। इस रूट पर पांच घंटे की 107 किलोमीटर की जंगल की यात्रा बेहद रोमांचकारी होगी।
यात्री इस ट्रेन से बाघ, तेंदुआ, हाथी जैसे जंगली जानवर आराम से यात्रा के दौरान देख सकेंगे। ट्रेन के कोच में जो सीट लगाई जाएंगी, जो पुशबैक कर नीचे भी की जा सकेंगी।
बताया जा रहा है कि यह पूर्वोत्तर रेलवे की पहली टूरिस्ट ट्रेन होगी। ट्रेन को चलाने के पूर्वोत्तर रेलवे ने दो साल पहले ही प्रस्ताव भेजा था जिसे बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। बोर्ड की मंजूरी के बाद इज्ज्तनगर मंडल ने इसका डिटेल प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा।
एनई रेलवे के प्रस्ताव पर बोर्ड ने शुक्रवार की शाम को इसे चलाने की मंजूरी दे दी। इस मंजूरी के बाद बताया जा रहा है कि दो से तीन दिन के अंदर इसकी शुरुआत हो सकती है। ट्रेन में 10 कोच होंगे। रंग-बिरंगी बोगिया डिवीजन में आ चुकी हैं। हर बोगी की दीवार पर कई सारे जंगली जानवर जैसे हाथी, बाघ, चीतल और गैंडे के चित्र बनाए गए हैं। इस ट्रेन की बोगियों में सीटों को बेहद आरामदायक बनाया गया है।