नेपाल में स्थानीय निकाय चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए मंगलवार रात 12 बजे भारत-नेपाल सीमा को सील कर दिया गया। साथ ही दो चरण में सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई, जो मुख्य मार्ग के साथ ही पगडंडियों पर नजर रखेंगे। किसी को भी सीमा पार आने-जाने नहीं दिया जाएगा। 16 को लुंबिनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे को देखते हुए भी सुरक्षा कर्मी सतर्क हैं।
भारत-नेपाल की 68 किलोमीटर सीमा पूरी तरह से खुली है। पांच थानों क्षेत्रों में यह सीमा पड़ती है। सीमावर्ती थानों की पुलिस के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां भी लगाई गई हैं। दोनों देश के बीच किसी बड़े आयोजन या फिर चुनाव पर सीमा को सील कर दिया जाता है। 13 मई को नेपाल में स्थानीय निकाय के चुनाव के लिए मतदान है। साथ ही 16 मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लुंबिनी में संभावित कार्यक्रम है।
इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क हो गई हैं। वहीं, चुनाव के मद्देनजर मंगलवार रात 12 बजे सीमा को सील कर दिया गया। आवागमन के मुख्य मार्ग के अलावा 10 पगडंडी पर सीमावर्ती थानों की पुलिस की ड्यूटी लगा दी गई। वे सीमा पर गश्त करके हर प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। वहीं, देर रात एसडीएम शोहरतगढ़ उत्कर्ष श्रीवास्तव, सीओ सदर प्रदीप कुमार यादव, सीओ अखिलेश कुमार वर्मा, एसओ ढेबरुआ जीवन तिवारी ने बढ़नी सीमा पर गश्त की और सीमा को सील करवाया। संदिग्धों से पूछताछ की गई।
इसी प्रकार शोहरतगढ़ सीमा पर स्थित खुनुवा सीमा, कपिलवस्तु के अलीगढ़वा, मोहाना के ककरहवा सीमा पर पुलिस कर्मियों ने गश्त करके सुरक्षा का एहसास कराया और सीमा को सील करवाया। चुनाव समाप्ति तक सीमा पर विशेष नजर रहेगी। इस संबंध में एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर सीमा पर सतर्कता है। नेपाल में चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए सीमा सील है। 24 घंटे की ड्यूटी लगा दी गई है। पुलिस सीमा पर गश्त करती रहेगी।