नेपाली पीएम के भारत विरोधी बयान पर बिफरे मधेशी नेता
कहा- पड़ोसी देश पर आरोप मढ़कर राजनीति करना ठीक नहीं
ओली ने भारत की ओर इशारा कर उन्हें हटाने की साजिश रचे जाने की बात कही है
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनौली(महराजगंज)। नेपाल के मधेशी नेताओं ने भारत विरोधी बयान के लिए अपने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की जमकर आलोचना की है। ओली ने अप्रत्यक्ष रूप से भारत पर आरोप मढ़ते हुए कहा था कि उन्हें हटाने की साजिश रची जा रही है। मधेशी नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि नेपाली पीएम जनता को गुमराह कर रहे हैं।
राष्ट्रीय जनता पार्टी के रूपनदेही जिलाध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि नेपाली प्रधानमंत्री का आरोप गलत है। कम्युनिस्ट पार्टी रूपनदेही जिला कमेटी के सदस्य एवं पूर्व मंत्री गुलजारी यादव ने कहा कि नेपाल के प्रधानमंत्री का बयान ठीक नहीं है। अपनी समस्याओं को किसी दूसरे के ऊपर डालकर राजनीति करना उचित नहीं है। यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। पड़ोसी देश पर आरोप लगाना गलत है।
मर्चवार से मधेशी पार्टी के वरिष्ठ नेता असलम खान ने बताया कि नेपाल की जनता को गुमराह किया जा रहा है। सरकार बहुमत में है। प्रचंड इस्तीफा मांग रहे हैं। यह देश के अंदर का मामला है। जनता समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंथ ठाकुर ने बताया कि भारत ने नेपाल की सरकार नहीं बनाई है। सरकार यहां की जनता ने बनाई है। पीएम को अल्पमत में आने का खतरा सता रहा है। इसलिए वह दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं। पीएम भारत के खिलाफ नफरत फैलाने की साजिश कर रहे हैं।
सरकार पांच साल तक चलेगी
नेकपा पार्टी भैरहवा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड के सहयोगी हकीकुल्ला खान ने बताया कि नेकपा माओवादी और नेकपा एमाले का विलय हो गया है। कमजोर सरकार नहीं है। पूर्व में हुए समझौते के आधार पर पांच साल सरकार चलेगी। नेपाल की जनता भी यही चाहती है। पार्टी बहुमत में है। अब आगे क्या होगा, यह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को देखना है।