गोरखपुर जिले के ब्लड बैंकों में निगेटिव ग्रुप के खून की कमी हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति कोरोना संकट के कारण उत्पन्न हुई है। लोग पॉजिटिव होने और कोरोना का टीका लगवाने के कारण रक्तदान नहीं कर पा रहे हैं। वहीं जिले में ओपीडी की शुरुआत हो गई है। ऐसे में ऑपरेशन कराने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ने से खून की मांग बढ़ी है।
जानकारी के मुताबिक, मार्च माह में जिले में संक्रमण की दर नाम मात्र की थी। औसतन आठ से 10 मरीज मिल रह थे। एक से लेकर 10 मार्च के बीच में दो से तीन दिन तक एक भी मरीज नहीं मिला था। विभाग यह मान रहा था कि अब कोविड का कहर समाप्त हो गया है। ऐसे में विभाग जिले को कोविड मुक्त करने की तैयारी में था। लेकिन अप्रैल माह में अचानक संक्रमण इस कदर बढ़ा कि चारों तरफ हाहाकर मच गया।
संक्रमण बढ़ने के साथ ब्लड डोनेशन कैंप पूरी तरह से बंद हो गए। स्थिति ऐसी रही कि पिछले ढाई महीने में सिर्फ एक बड़ा कैंप लगा है। इसमें 26 यूनिट रक्त मिल सका था।