जीडीए से जुड़े लोगों का कहना है कि नया गोरखपुर के विस्तार के लिए उन जगहों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पर जलभराव की स्थिति न हो। ऐसे क्षेत्रों को महत्व दिया जाएगा, जो बाढ़ से मुक्त हों। इसके लिए किसानों से ली जाने वाली जमीन नए रेट पर लेने की तैयारी है। हालांकि पूर्व में सर्किल रेट से चार गुना कीमत देने पर किसान राजी नहीं हुए थे, इसलिए नए सिरे से कार्रवाई करते हुए छह माह का बैनामा जुटाकर पूरे क्षेत्र में सर्वे कराया जाएगा।
इसके बाद ही अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। किसानों से सहमति बनाने के लिए जीडीए, राजस्व और विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग के कर्मचारी संयुक्त रूप से गांवों में जाएंगे, ताकि किसी तरह की समस्या आगे न आए।
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जीडीए अधिकारियाें के मुताबिक, नया गोरखपुर पूरी तरह से आधुनिक शहर होगा। इसमें पहुंच के रास्ते सुलभ होंगे। इस योजना में मल्टीप्लेक्स, मॉल, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, कूड़ा प्रबंधन, सीवरेज, फुटपाथ, खेल के मैदान सहित अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना में सभी नागरिक सुविधाएं दी जाएंगी।
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जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड का इंतजार
जीडीए की नया गोरखपुर परियोजना को आगे बढ़ाने में जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड का कार्य मदद करेगा। जितना जल्द रिंंग रोड का काम शुरू होगा, उतनी ही जल्दी नया गोरखपुर आकार लेने लगेगा। माना जा रहा है कि इसका विस्तार रिंग रोड के आसपास होगा, ताकि इसके महत्व को बढ़ाया जा सके।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि नया गोरखपुर के लिए किसानों की सहमति से जमीनों का अधिग्रहण किया जाएगा। जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, नया गोरखपुर पूरी तरह से अत्याधुनिक होगा।