नेशनल सिविल सर्विसेज -डे की शुभकामनाएं देते हुए 2015 बैच के आईएएस व वर्तमान में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि यह दिन उन सभी को समर्पित है जो अपनी अनुकरणीय सेवाओं के लिए सिविल सेवा में शामिल हुए हैं।
सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को सफलता के मंत्र साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ईमानदारी से मेहनत करते हैं तो कोई भी परीक्षा या लक्ष्य कठिन नहीं है।
सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी के लिए आपका दृढ़ इच्छाशक्ति वाला होना जरूरी है। किस्मत से आप आईएएस या आईपीएस अफसर नहीं बन सकते हैं।
महेंद्र सिंह तंवर कहते हैं कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में समय का महत्व बहुत ज्यादा है। इस परीक्षा में समय का सदुपयोग ही सफलता का बड़ा मंत्र माना जाता है। चूंकि इसका सिलेबस बहुत व्यापक होता है इसलिए समय का प्रबंधन बहुत जरूरी है। कड़ी मेहनत और लगन से पढ़ाई का संकल्प लेकर एक समय सारिणी तैयार करिए और ईमानदारी से उसका पालन करिए।
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दरअसल जब आप एक समय सारिणी बनाते हैं, तो आप उसका पालन करने के लिए बाध्य होते हैं। आपकी अनुशासित जीवन शैली ही आपको ऐसा करने में मदद करेगी। इसलिए, यदि आप सिविल सेवा परीक्षा को पास करना चाहते हैं, तो अनुशासन में रहकर सभी नियमों को मानना होगा। सुनिश्चित करें कि जब आप पढ़ने के लिए बैठते हैं तो आप अपने काम पर ध्यान केंद्रित रखें।
यदि आप एकाग्र नहीं होंगे तो आप अपने लक्ष्य में सफल नहीं होंगे। ऐसा नहीं है कि सिविल सेवा की परीक्षा के लिए 18 या 20 घंटा पढ़ना जरूरी है। ईमानदारी से यदि आप आठ से 12 घंटे भी पढ़ते हैं तो सफल हो जाएंगे। दिमाग और शरीर को आराम देने के लिए नींद भी जरूरी है। साथ ही मनोरंजन भी। गाने सुनिए, सप्ताह में एक-दो फिल्म देखिए, दोस्तों से मिलिए। एक संतुलन के साथ ये भी बहुत जरूरी है।
हालांकि, मोबाइल का इस्तेमाल तैयारी के समय बहुत ध्यान से करना चाहिए। इसे बहुत कम समय देना चाहिए। जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर मूल रूप से हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने बीटेक करने के बाद दो वर्षों तक निजी सेक्टर में भी कार्य किया है। उन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। यहां से पहले वह गाजियाबाद नगर निगम में नगर आयुक्त के पद पर तैनात थे। वह शाहजहांपुर में सीडीओ की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। बहराइच व एटा में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के तौर पर भी सेवाएं दी हैं।