गोरखपुर। नंदानगर अंडरपास निर्माण को लेकर तीन महीने से चला आ रहा गतिरोध शनिवार को भी खत्म नहीं हो सका। सैनिक विहार कॉलोनी में राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग और एयरफोर्स अधिकारियों ने प्रभावित लोगों के साथ बैठक कर 31 मीटर चौड़ाई में अंडरपास बनाने पर सहमति बनने का दावा किया गया। वही नंदानगर के प्रभावित लोगों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए और अपने विरोध पर कायम रहने की बात कही। इससे अंडरपास निर्माण की राह फिलहाल साफ नहीं हो सकी है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पहले 37.2 मीटर चौड़ाई में अंडरपास का प्रस्ताव था। प्रभावितों की समस्याओं को देखते हुए चौड़ाई कम करने की कोशिश की गई है। अधिकारियों के अनुसार 31 मीटर से कम चौड़ाई में अंडरपास बनाने का कोई विकल्प नहीं है। समपार फाटक पर अंडरपास की डिजाइन में बदलाव के लिए रेलवे तैयार नहीं हुआ इसलिए सर्विस रोड के नीचे ड्रेन डक्ट बनाने की योजना बनाई गई है। बैठक में तहसीलदार सदर सत्य प्रकाश गुप्ता, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता वीरेंद्र यादव, अवर अभियंता उमाशंकर गुप्ता, नागेंद्र मणि गुप्ता व अजीत कुमार, लेखपाल बृजेश कुमार समेत एयरफोर्स के अधिकारी मौजूद रहे।
नंदानगर के प्रभावितों ने कहा-नहीं सुनी गई हमारी बात: नंदानगर के प्रभावित लोग एकत्र हुए और सोशल मीडिया समूहों में सहमति के दावे पर विरोध जताया। नंदानगर निवासी कौशल पासवान ने कहा कि बैठक में प्रभावित लोगों की बात नहीं सुनी गई। 31 मीटर चौड़ाई में निर्माण के प्रस्ताव पर असहमति के कारण उन्होंने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। परमेश्वर जायसवाल, साधू जायसवाल, बादशाह सिंह, शैलेष कुमार, दीक्षित शुक्ल, रमेश चौहान, योगेंद्र और शिव मंदिर पासवान समेत प्रभावित लोगों ने रविवार को बैठक करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इसके बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा से मुलाकात कर अपनी आपत्ति रखी जाएगी।