जिलहिज्जा इस्लाम धर्म का 12वां व अंतिम महीना है। जिलहिज्जा यानी हज वाले महीने में मुसलमान हज करते हैं। माहे जिलहिज्जा की 10 तारीख को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व मनाया जाता है। पर्व के मौके पर मुस्लिम समाज द्वारा लगातार तीन दिन तक कुर्बानी की जाती है। इस बार यह पर्व जुलाई माह में पड़ेगा। वहीं जुलाई माह में ही देश विदेश की कई अजीम हस्तियों का उर्स-ए-पाक मनाया जाएगा। मुस्लिम समाज द्वारा कुरआन ख्वानी, फातिहा ख्वानी व दुआ ख्वानी की जाएगी।
इनका मनाया जाएगा उर्स-ए-पाक
एक जिलहिज्जा को हजरत सैयदना अब्दुल्लाह बिन उमर फारूक रदियल्लाहु अन्हु, तीन जिलहिज्जा को हजरत सैयदना अबू जर जुन्दब अल गफ्फारी रदियल्लाहु अन्हु व कुत्बे मदीना हजरत अल्लामा मौलाना जियाउद्दीन मदनी रजवी अलैहिर्रहमां, सात जिलहिज्जा को हजरत सैयदना इमाम मोहम्मद अल बाकिर रदियल्लाहु अन्हु, नौ जिलहिज्जा को हजरत सैयदना मुस्लिम बिन अकील रदियल्लाहु अन्हु, 10 जिलहिज्जा को मखदूम जहानियां हजरत सैयद जलालुद्दीन हुसैन अलैहिर्रहमां, 14 जिलहिज्जा को हजरत सैयदना अब्दुर्रहमान बिन औफ रदियल्लाहु अन्हु, 15 जिलहिज्जा को हजरत तमीम अल अंसारी रदियल्लाहु अन्हु व अशरफुल फुकहा हजरत मुफ़्ती मोहम्मद मुजीब अशरफ कादरी, रजवी अलैहिर्रहमां, 18 जिलहिज्जा को तीसरे खलीफा अमीरुल मोमिनीन हज़रत सैयदना उस्माने गनी रदियल्लाहु अन्हु, हजरत सैयद शाह आले रसूल अहमदी अलैहिर्रहमां व हजरत सदरुल अफजिल मौलाना सैयद मोहम्मद नईमुद्दीन मुरादाबादी अलैहिर्रहमां, 19 जिलहिज्जा को हजरत अबू उबैदा आमिर बिन जर्राह रदियल्लाहु अन्हु, 23 जिलहिज्जा को हजरत मुबल्लिगे आजम मौलाना शाह अब्दुल अलीम सिद्दीकी मेरठी अलैहिर्रहमां, 27 जिलहिज्जा को हजरत शैख अबू बकर शिब्ली अलैहिर्रहमां, 28 जिलहिज्जा को हजरत इमाम शहाबुद्दीन अबुल फजल अहमद इब्ने हजर अस्कलानी अलैहिर्रहमां का उर्स-ए-पाक अकीदत व एहतराम के साथ मनाया जाएगा।