हत्या कर शव छिपाने का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने खजनी थाना क्षेत्र के कूड़ा बुजुर्ग उर्फ कूड़नी निवासी अभियुक्त मालती को आजीवन कारावास व 13 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर 13 माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जयनाथ यादव का कहना था कि वादी रामबेचन खजनी थाना क्षेत्र के कूड़ा बुजुर्ग उर्फ कूडनी का निवासी है। उसके खलिहान के बगल में रामचंदर केवट का खलिहान है।
वादी का मेड़ काटने को लेकर रामचंदर केवट से विवाद हुआ था। उसी रंजिश में 13 अप्रैल 1999 की शाम छह बजे वादी का लड़का सत्यपाल उर्फ बैठोल अपने खलिहान में जा रहा था। अभियुक्त रामदवन और उसकी मां मालती ने रास्ते में वादी के लड़के को पकड़कर रस्सी से उसका गला दबाने के बाद चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी और लाश गेहूं के बोझ के पीछे छिपा दिया था।