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अब कबीर के जीवन से जुड़ी चीजें दिखेंगी एक छत के नीचे, बनाई जा रही है म्यूरल गैलरी

Sat, 10 Oct 2020 08:03 AM IST
vivek shukla मोहम्मद आफताब आलम, मगहर, (संतकबीरनगर)।

सार

  • कबीर अकादमी के जरिए कबीर को नजदीक से जान सकेंगे शोधार्थी
  • म्यूरल गैलरी होगी आकर्षण का केंद्र, आडिटोरियम में एक साथ बैठ सकेंगे 306 लोग
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कबीर मठ। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में स्थित कबीर चौरा परिसर में निर्माणाधीन कबीर अकादमी का कार्य प्रगति पर है। इसके बन जाने से शोधार्थी कबीर के बारे में नजदीक से जान सकेंगे। म्यूरल गैलरी यहां आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।    

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पर्यटकों को कबीर स्थली की तरफ आकर्षित करने के लिए परिसर में पर्यटन और पुरातत्व विभाग की तरफ से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। लोग कबीर के जीवन को पढ़ सकें, अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें, इसके लिए 28 जून-2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 करोड़ 59 लाख की लागत से बन रहे कबीर अकादमी की आधारशिला रखी थी।

निर्माण कार्य करा रही एसएन एंड कंट्रक्शन कंपनी के अवर अभियंता संतोष यादव ने बताया कि कबीर अकादमी का निर्माण कार्य 75 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। आडिटोरियम में 306 सीटें हैं। दस महिला और दस पुरुष के रहने के लिए हॉस्टल है। टाइप वन के चार फ्लैट, टाइप फोर का एक फ्लैट, पार्क, रोड, मेंटेनेंस, ड्रेन, टाइप टू के दो फ्लैट, टाइप तीन के एक फ्लैट, किचेन, पेंट्री, वार्डेन रूम, स्टोर रूम, कॉमन रूम, डाइनिंग हॉल बनाया जा रहा है। म्यूरल गैलरी में सूफी संत कबीर के जीवन से संबंधित 30 चित्रण और लाइब्रेरी बन रही है। भवन बनकर तैयार है। इसमें सिर्फ दरवाजे, पेंटिंग का कार्य शेष है।
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‘मार्च-2021 में तैयार हो जाएगी अकादमी’

कार्यदायी संस्था आवास विकास के प्रोजेक्ट मैनेजर रवि खरवार ने बताया कि अगर समय से रकम रिलीज हो गया तो कबीर अकादमी का निर्माण कार्य मार्च-2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। भवन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। गुणवता पर विशेष ध्यान देने के साथ ही, इसे प्राचीन लुक देने की कोशिश की गई है।

मठ से शोधार्थियों को दी जाएंगी सुविधाएं: महंत विचार दास
कबीर चौरा के महंत विचार दास ने कहा कि सद्गुरु कबीर ने सर्वसमाज को एक धागे में पिरोने का कार्य किया था। उनके कहे हुए एक-एक शब्द को आत्मसात कर जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। सद्गुरु कबीर के जीवन के बारे में शोध कर रहे विद्यार्थियों को कबीर अकादमी बन जाने से काफी सुविधाएं मिलेंगी। कबीर के जीवन को यहां रहकर नजदीक से जानने का अवसर प्राप्त होगा।

मठ से शोधार्थियों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें आध्यात्मिक व साहित्यिक दोनों तरह की शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। अधिक से अधिक किताबें उपलब्ध रहेंगी। संत-महात्मा, पर्यटक साहित्यिक, आध्यात्मिक जानकारी हासिल कर सकेंगे। कबीर ने अनुभव ज्ञान को प्राथमिकता दी है, जिससे समाज को लाभ मिल सके।
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