नगर निगम की गाड़ियां खराब होने पर भी ड्राइवरों का वेतन काटे जाने पर नगर निगम कर्मचारी समन्वय समिति ने विरोध जताया है। समन्वय समिति की बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन नगर आयुक्त को देने का निर्णय लिया गया। इस दौरान अन्य संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सोमवार को नगर निगम परिसर में नगर निगम कर्मचारी समन्वय समिति की बैठक में चालक परिचालक संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र पांडेय ने कहा की ड्राइवरों की गाड़ी खराब हो जाने पर गाड़ी समय से बनावाई नहीं जा रही है। ड्राइवर अपनी ड्यूटी पर आते हैं, लेकिन उनका वेतन काट दिया जा रहा है इस प्रकार ड्राइवरों के साथ अन्याय किया जा रहा है। जलकल इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष रामआधार ने कहा कि मल्टीलेवल पार्किंग
बनाने के लिए जलकल परिसर स्थित कर्मचारियों के मकान ध्वस्त करा दिए गए, लेकिन अब तक कर्मचारियों को आवास उपलब्ध नहीं कराया गया। अकेंद्रीयत कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री देवेंद्र मिश्रा ने कहा कि विगत पिछले दो माह से कर्मचारियों का वेतन एवं पेंशन समय से नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण कर्मचारियों को विशेष कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
समन्वय समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेषनाथ पांडेय ने कहा कि कर्मचारियों के समस्याओं के प्रति हम सभी लोग जिम्मेदार हैं। कर्मचारियों का तरह-तरह से उत्पीड़न किया जा रहा है। यहां तक अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों के साथ अपशब्दों तक का प्रयोग किया जा रहा है जो बर्दाश्त के बाहर है। समिति के अध्यक्ष रामप्रकाश सिंह ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करने को लेकर नगर निगम प्रशासन गंभीर नहीं है।
उनकी मांगें पूरी नहीं की जा रही है। जल्द ही इस संबंध में नगर आयुक्त को ज्ञापन दिया जाएगा। बैठक में रविंद्र कुंवर, दीपक श्रीवास्तव, रामआधार पटेल, गौरीशंकर, अवधेश दुबे, शेषनाथ पांडेय, संजय श्रीवास्तव, देवेंद्र मिश्रा, बेचन गुप्ता, सुरेंद्र पांडेय, गौरी शंकर, अमृत पाल सिंह, ओम प्रकाश, अवधेश दुबे, राजेश श्रीवास्तव, शक्ति प्रकाश मिश्रा, लालचंद सिंह, रामगति, जगदीश तिवारी आदि सदस्य उपस्थित रहे।
20 दिन बाद मिला नगर निगम कर्मचारियों को वेतन
गोरखपुर। नगर निगम कर्मचारी समन्वय समिति के अध्यक्ष रामप्रकाश सिंह ने कहा कि 20 जनवरी को नगर निगम के कर्मचारियों का वेतन आया। पिछले तीन महीने से वेतन को लेकर दिक्कत आ रही है। जल्द ही इस संबंध में नगर आयुक्त से वार्ता कर इसे दुरुस्त कराने की मांग की जाएगी।