इस मामले में एडीएम फाइनेंस का कहना है कि लापरवाह बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जहां से शिकायत मिल रही है, वहां यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बीएलओ पहुंचे। निर्वाचन कार्यालय और तहसीलों में भी लोग वोटर बनने के आवेदन प्राप्त और जमा कर सकते हैं। वोटर लिस्ट से सिर्फ मृतकों का नाम कट सकता है। इसके अलावा नाम काटने पर संबंधित बीएलओ पर कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र में तैनात सफाई कर्मियों को नगरीय क्षेत्र के निकाय चुनाव के लिए बीएलओ बनाए जाने पर पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने विरोध जताया है। सोमवार को संघ के पदाधिकारियों की कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में जिलाध्यक्ष रमेश कुमार भारती ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति केवल साक्षर होने के प्रमाणपत्र पर हुई थी।
कहा कि जिन लोगों को बीएलओ जैसे महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनमें से ज्यादातर पढ़ने-लिखने में अक्षम हैं। ऐसी दशा में वे काम कैसे करेंगे, काम नहीं करने पर प्रशासन कार्रवाई की चेतावनी दे रहा है। उन्होंने कहा कि सभी उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है कि सफाई कर्मचारियों के द्वारा लेखन कार्य में यदि किसी भी तरह की चूक होती है तो इसके लिए सफाई कर्मचारी जिम्मेदारी नहीं होंगे।
यदि कार्रवाई हुई तो संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा। बैठक का संचालन जिला महामंत्री ओम प्रकाश यादव, जिला कोषाध्यक्ष राममिलन पासवान, शंभूनाथ गौड़, जयगोविंद, लालमन यादव समेत कई सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।