गोरखपुर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों की गाड़ियां बिना इंश्योरेंस के चल रहीं हैं। इसका नगर निगम को खामियाजा भी भुगतना पड़ रहा है। बिना इंश्योरेंस की एक गाड़ी से करीब डेढ़ साल पहले एक हादसा हो गया था। तब से यह गाड़ी सहजनवां थाने में खड़ी है।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में 125 से ज्यादा गाड़ियां हैं, जिनसे कूड़े का निस्तारण किया जाता है। कुछ गाड़ियां ऐसी भी हैं जिन पर कूड़ेदान रखकर डंपिंग ग्राउंड तक ले जाया जाता है। इनमें से 85 गाड़ियां ऐसी हैं, जिनका इंश्योरेंस काफी पहले खत्म हो चुका है।
संबंधित वाहनों के ड्राइवरों द्वारा इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन बीमे का नवीनीकरण नहीं किया गया। इसका खामियाजा यह हुआ है कि हादसे के बाद से एक गाड़ी करीब डेढ़ साल से सहजनवां थाने में खड़ी है। इंश्योरेंस नहीं होने की वजह से नगर निगम की ओर से इस मामले में कोर्ट का दरवाजा भी नहीं खटखटाया गया।
मेयर सीताराम जायसवाल ने बताया कि काफी संख्या में गाड़ियों का इंश्योरेंस खत्म हो चुका है। इसके बावजूद गाड़ियां सड़क पर चल रहीं हैं। यह स्थिति सही नहीं है। नगर आयुक्त को इस संबंध में निर्देश दिया गया है कि जल्द से जल्द निगम की गाड़ियों का इंश्योरेंस रिन्यू करा लिया जाए।
थाने में सीज गाड़ी का उपसभापति ने लिया जायजा
उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा ने रविवार को सहजनवां थाने में सीज नगर निगम की गाड़ी के संबंध में जानकारी ली। उपसभापति ने कहा कि नगर निगम की तकरीबन 85 गाड़ियों का इंश्योरेंस नहीं होना और बिना इंश्योरेंस गाड़ियों का चलना सही नहीं है। इंश्योरेंस नहीं होने की वजह से नगर निगम की एक गाड़ी पिछले डेढ़ साल से सहजनवां थाने में खड़ी है। खुद थाने जाकर गाड़ी की स्थिति देखी और जानकारी मेयर को दी है।