नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि टैक्स विभाग के सभी कर्मचारियों का टाइपिंग टेस्ट कराया जा रहा है। देखा जा रहा है कि इनके काम करने की रफ्तार ठीक है या नहीं। अगर सुधार की जरूरत महसूस होगी तो उन्हें इसके लिए समय दिया जाएगा। कोशिश है कि काम तेज गति से होता रहे, पेंडिंग न रहे।
नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने जिन कर्मचारियों को टाइपिंग टेस्ट देने का फरमान सुनाया है, उनमें कई ऐसे भी कर्मचारी हैं, जिनकी उम्र 50 साल पार कर चुकी है। साथ ही इनके काम करने का रवैया काफी ढीलाढाला माना जाता है। ऐसे में इस बात की भी आशंका है कि नगर आयुक्त का यह आदेश कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की दिशा में बढ़ाया गया कदम है।
नगर आयुक्त का कहना है कि अभी इन कर्मचारियों का केवल टेस्ट लिया जा रहा है। अगर इसमें वो असफल होते हैं तो उन्हें काम में सुधार का मौका दिया जाएगा। अगर इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं आता है तो सरकार की गाइडलाइन के अनुसार आगे कदम उठाया जाएगा।