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हंगामे की भेंट चढ़ी जिला पंचायत बोर्ड की बैठक, सदस्य बोले-40 लाख से कम बजट मंजूर नहीं

Tue, 14 Jan 2020 01:59 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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- फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत बोर्ड की बहु प्रतीक्षित बैठक सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। अध्यक्ष गीतांजलि यादव की अध्यक्षता वाली इस बैठक में कहा गया कि जिला पंचायत के बजट में सांसद, विधायक का प्रस्ताव कैसे लिया जा रहा है, जबकि सदन में यह सर्व सम्मति से पास किया गया था कि बाहरी किसी भी सदस्य का प्रस्ताव नहीं लिया जाएगा।
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वहीं, सदस्यों ने कहा कि 40 लाख से कम का बजट स्वीकार नहीं होगा। इसपर अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) ने असमर्थता जाहिर की तो सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर के हस्तक्षेप के बाद बैठक स्थगित कर दी गई। तय हुआ अगली बैठक 27 जनवरी को होगी।

जिला पंचायत सभागार में चर्चा की शुरूआत करते हुए सदस्य मायाशंकर शुक्ला ने नई सीडीओ का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आप पहली बार इस सदन में आई हैं। इस पर सभी सदस्यों ने मेज थपथपाई। इसके बाद शुक्ला ने कहा कि एक साल से विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। रकम रहते हुए भी टेंडर नहीं हो पाया। अपर मुख्य अधिकारी टेंडर की तारीख निर्धारित करें, तब सदन में चर्चा शुरू की जाएगी। ऐसा नहीं हुआ तो सदन चलने नहीं पाएगा।

बसपा के जिला पंचायत सदस्य एसपी सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह बसपा, सपा सरकार का कार्यकाल भी देख चुके हैं। किसी सरकार में सांसद, विधायक का प्रस्ताव जिला पंचायत में नहीं लिया गया था। आखिर कौन सी मजबूरी है कि विधायकों का प्रस्ताव लिया जा रहा है। इस बीच रामबदन सिंह ने कहा कि एएमए जहां भी रहे हैं, वहां विधायकों पर मेहरबान रहे हैं। यह अब नहीं चलने पाएगा। इसपर एएमए ने कहा कि कुछ ऐसी बातें होती हैं, जो पर्दे के पीछे रहती हैं। इसे सदन में नहीं कहा जा सकता है। उन पर दबाव है, इस नाते गैर सदस्य के प्रस्ताव लिए गए हैं। वह सदस्यों के 30 लाख रुपये तक के प्रस्ताव लेंगे, पर सदस्य 40 लाख से कम प्रस्ताव देने को तैयार नहीं थे। सदस्यों का कहना था कि दूसरे का प्रस्ताव स्वीकार नहीं है।
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सदस्य पंकज शाही ने तल्ख लहजे में कहा कि एएमए सदस्यों का अपमान कर रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। दोनों पक्ष जब झुकने को तैयार नहीं हुए तो मुख्य विकास अधिकारी ने 27 जनवरी को दोबारा बैठक बुलाने का समय निर्धारित कर दिया। बैठक में सभाष चंद भारती, रामभोग सिंह, सुमन पासवान, जितेंद्र सिंह, सुनीता सिंह, दिलीप यादव, सहित अन्य कई सदस्यों ने अपनी बात रखी।

जो रकम आई है, उसे 73 सदस्यों में बांटने का दबाव है। जिला पंचायत के जिम्मे तमाम काम होते हैं, यदि सारी रकम सदस्यों में बाट देंगे तो अन्य कार्य नहीं हो पाएंगे, जबकि उनको कराना जिला पंचायत की मजबूरी है।
- अशोक सिंह, अपर मुख्य अधिकारी
    
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