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खुशखबर: एमएसएमई मंत्रालय ने दी फ्लैटेड फैक्ट्री को अनुमति, निर्माण पर खर्च होंगे 40 करोड़

Tue, 31 May 2022 04:18 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि गीडा में फ्लैटेड फैक्ट्री को अंतिम रूप से एमएसएमई मंत्रालय ने अनुमति प्रदान कर दी है। अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के साथ निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया जाएगा। यह प्रदेश में अपनी तरह का नया औद्योगिक कांप्लेक्स होगा। करीब दो हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
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फ्लैटेड फैक्ट्री का ले आउट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में रेडीमेड गारमेंट के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री के निर्माण को अनुमति दे दी है।

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इसके निर्माण पर 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए गीडा प्रबंधन टेंडर जारी करने की प्रक्रिया में जुट गया है। सोमवार को हुई एमएसएमई मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में इस परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई।

एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में फ्लैटेड फैक्ट्री को शामिल किए जाने के बाद से गोरखपुर को रेडीमेड गारमेंट का हब बनाने की कवायद चल रही है। गीडा की ओर से पहले से ही गारमेंट पार्क विकसित किया जा रहा है। अब कम पूंजी के उद्यमियों के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने का प्रस्ताव है।
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सेक्टर 13 में 10,800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर फैक्ट्री का निर्माण किया जाना है। इसपर आने वाले 40 करोड़ रुपये की लागत में भूखंड की छह करोड़ रुपये कीमत भी शामिल है। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के लिए 12 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।

 

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चार मंजिला भवन में स्थापित होंगी 80 इकाइयां

फ्लैटेड फैक्ट्री चार मंजिला होगी और इसमें 80 इकाइयां स्थापित की जा सकेंगी। प्रत्येक उद्यमी को एक हजार वर्ग फीट का निर्मित क्षेत्रफल उपलब्ध कराया जाएगा। छोटे उद्यमी कम लागत में यहां अपनी इकाई लगाकर उत्पादन शुरू कर सकेंगे। इस योजना से करीब दो हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।

लागू होगी आरक्षण की व्यवस्था

फ्लैटेड फैक्ट्री में जगह आवंटित करने के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू होगी। 50 प्रतिशत इकाइयां लघु/अनुसूचित वर्ग एवं महिला उद्यमियों के लिए आरक्षित होंगी। इससे छोटे उद्यमियों एवं तकनीकी रूप से कुशल लोगों को इकाई लगाने में आसानी होगी। यहां कब्जा मिलते ही इकाई शुरू की जा सकेगी। आवंटन, निर्माण या बिजली कनेक्शन के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।

उत्पादों के प्रदर्शन को बनाया जाएगा प्रदर्शनी हॉल

फ्लैटेड फैक्ट्री में बनने वाले उत्पादों के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी हॉल भी बनाया जाएगा। एक मार्केटिंग आउटलेट भी खोला जाएगा। महिला कर्मियों के बच्चों के लिए स्थान भी उपलब्ध रहेगा। भवन में अग्निशमन यंत्र, कर्मचारियों के लिए अलग-अलग लिफ्ट की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।

गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि गीडा में फ्लैटेड फैक्ट्री को अंतिम रूप से एमएसएमई मंत्रालय ने अनुमति प्रदान कर दी है। अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के साथ निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया जाएगा। यह प्रदेश में अपनी तरह का नया औद्योगिक कांप्लेक्स होगा। करीब दो हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

 
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