डीएम न्यूरो डॉ. अनुराग सिंह विशेषज्ञों ने बताया कि एमआरआई की सलाह उन मरीजों को दी जाती है जिन्हें चलने-फिरने में दिक्कत होती है या फिर न्यूरो से संबंधित समस्याएं होती है। ऐसी स्थिति में मर्ज पकड़ कर तत्काल इलाज शुरू करना जरूरी होता है। जांच में देरी से परेशानी और बढ़ सकती है।
मेडिकल कॉलेज में 2500 में होती है जांच
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एमआरआई जांच का खर्च 2,500 रुपये है। जबकि, निजी सेंटरों पर यहीं जांच कराने के लिए पांच से छह हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
नंगर गेम
- 10 मरीज औसतन हर रोज पहुंचते हैं जिला अस्पताल एमआरआई के लिए
- 2500 रुपये है सरकारी फीस जांच की
- 6000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं निजी केंद्रों पर
जिला अस्पताल में एमआरआई बिल्डिंग बनकर तैयार है। लेकिन, मशीन न मिलने की वजह से इसका इस्तेमाल कोरोना टीका लगाने में किया जा रहा है। मशीन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
- डॉ राजेंद्र ठाकुर, एसआईसी, जिला अस्पताल
बीआरडी में आने वाले मरीजों की एमआरआई की जा रही है। इमरजेंसी में आने वाले मरीज प्राथमिकता में होते हैं। इनमें 70 फीसदी मरीजों को सिर में चोट लगने की शिकायत होती है। इससे सामान्य मरीजों की जांच में समय लगता है।
- डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज