तैयारियों का जायजा लेते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
गोरखपुर। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह का शुभारंभ बृहस्पतिवार को सुबह 9:30 बजे से गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होगा। मुख्य अतिथि के रूप में राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण एसडीआरएफ के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट योगेंद्र डिमरी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान शहर में शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें 40 से ज्यादा स्कूलों के विद्यार्थी प्रतिभाग करेंगे। मुख्यमंत्री ने बुधवार देर शाम महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) के संस्थापक सप्ताह समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने उद्घाटन समारोह को भव्य बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंच की व्यवस्थाओं, दर्शक दीर्घा, विद्यार्थियों के बैठने के स्थल, शोभायात्रा के लिए तैयार वाहनों का अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम सुविधा के साथ अनुशासन का पर्याय बने, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने उद्घाटन समारोह के कुशल आयोजन के लिए लगाए गए शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या की भी जानकारी ली।
महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के क्रीड़ांगन में आयोजित कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह कार्यक्रम पूर्वांचल का अति प्रतिष्ठित एवं सबसे बड़ा अकादमिक कार्यक्रम है। सात दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम में विविध प्रकार की अकादमिक एवं क्रीड़ा प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। अकादमिक प्रतियोगिताओं में गोरखपुर मंडल के 125 से अधिक शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान प्रतिभाग करते हैं, जबकि भाषण एवं खेल-कूद की प्रतियोगिताओं जैसे वॉलीबाल, बास्केटबाल में पूरे प्रदेश से प्रतिभागी अपनी प्रतिभागिता सुनिश्चित करते हैं।
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह समारोह संचालन समिति के सदस्य डॉ. नितीश शुक्ल ने बताया कि बुधवार को कार्यक्रम स्थल पर मुख्य अतिथि और समारोह अध्यक्ष के संबोधन के बाद मुख्य अतिथि शिक्षा परिषद के कई संस्थाओं के विद्यार्थियों की ओर से निकाली जाने वाली भव्य शोभायात्रा की सलामी लेंगे। शोभायात्रा महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद परिसर से निकलकर अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए जिला परिषद रोड पर स्थित शताब्दी द्वार से पुन: महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद परिसर में प्रवेश करेगी। उद्घाटन समारोह को भव्य बनाने के लिए एक हजार से अधिक शिक्षक कर्मचारी एवं स्वयंसेवक लगे रहेंगे। शोभायात्रा के दौरान अनुशासन, श्रेष्ठ पथ संचलन के साथ-साथ जन-जागरण को प्रदर्शित करने वाली झांकियां एवं नारे मुख्य आकर्षण होंगे।