अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस पर पौधारोपड़ करते पर्वतारोही नीतीश कुमार सिंह।
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अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस (11 दिसंबर) पर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट गीडा में शनिवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें शहर के पर्वतारोही नीतीश कुमार सिंह ने कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2021 का शीर्षक सतत पर्वतीय पर्यटन घोषित किया है।
मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही नीतीश कुमार सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस की शुरुआत यूएनओ ने 2003 में की थी। इसका उद्देश्य पहाड़ों के सतत विकास की ओर सभी देशों का ध्यान आकर्षित करने, पहाड़ों के लाभ और उनसे मिलने वाली जड़ी बूटियों, प्राकृतिक संसाधनों के बारे में जागरूक करना है।
नीतीश ने अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो और यूरोप के सर्वोच्च पर्वत शिखर माउंट एल्ब्रुस के उनके पवर्तारोहण के अनुभव साझा किए। बताया कि विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के फतह करने की उनकी योजना है। इस मौके पर विद्यार्थियों की पर्यावरण, प्रबंधन से जुड़ी उत्सुकताओं का भी जवाब दिया। इसके बाद संस्थान परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण को प्रेरित किया गया।
संस्था के निदेशक डॉ. एनके सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सब की जिम्मेदारी है। इस मौके पर संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया, संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल, निदेशक फार्मेसी डॉॅ. पीडी पांडा, डॉ. मनोज कुमार मिश्रा, सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।