समझाैते पत्र के साथ कुलपति व अन्य।
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) और मलयेशिया की मैनेजमेंट एंड साइंस यूनिवर्सिटी (एमएसयू) के बीच वैश्विक शिक्षा, शोध सहयोग और छात्र आदान-प्रदान को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ। यह रणनीतिक साझेदारी अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में डीडीयू के लिए नई उपलब्धि मानी जा रही है।
इस अवसर पर आयोजित वर्चुअल बैठक में डीडीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में दोनों विश्वविद्यालयों ने संयुक्त रूप से शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण, नवाचार और वैश्विक अवसरों के विस्तार पर सहमति व्यक्त की। समझौते के अंतर्गत 2+2 स्नातक एवं 1+1 स्नातकोत्तर संयुक्त डिग्री कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे, जिनमें छात्र अपनी पढ़ाई दोनों संस्थानों में पूरी कर सकेंगे।
प्रारंभिक चरण में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए/एमबीए) और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। क्रेडिट ट्रांसफर को सरल बनाने के लिए ब्लैंकेट अप्रूवल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। शोध के क्षेत्र में दोनों विश्वविद्यालयों ने एक साझा और महत्वाकांक्षी एजेंडा तय किया है।
भौतिक विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, व्यवसाय और स्वास्थ्य विज्ञान में संयुक्त शोध के माध्यम से दिसंबर तक छह उच्च-प्रभाव वाले शोध पत्र प्रकाशित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) को प्रमुख शोध विषय के रूप में चिह्नित किया गया है।
प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह साझेदारी डीडीयू की वैश्विक उत्कृष्टता के लक्ष्य को नई दिशा देगी और छात्रों व शिक्षकों के लिए विश्वस्तरीय अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी। बैठक में आगामी कार्यक्रमों के अंतिम स्वरूप, संयुक्त शोध टीमों के गठन और औपचारिक शुभारंभ समारोह की योजना पर भी सहमति बनी।