देवरिया के सदर कोतवाली इलाके से बहला फुसलाकर अपहृत की गई युवती का केस दर्ज करने में पुलिस ने लापरवाही बरती थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि 26 जनवरी को युवती की मां ने थाने में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने 6 फरवरी को केस दर्ज किया।
केस दर्ज होने की बात पीड़ित महिला को बताई नहीं गई। परेशान होकर पीड़िता ने सोमवार को सीएम के जनता दरबार गुहार लगाई। डीआईजी राजेश मोदक ने इस मामले में एसपी देवरिया से जांच कर रिपोर्ट मांगी है। डीआईजी ने कहा कि लापरवाही साबित होने पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार में देवरिया सदर कोतवाली इलाके की रहने वाली महिला पहुंची थी। प्रार्थना पत्र देकर सीएम से उसने गुहार लगाया कि उसकी बेटी को एक युवक भगा ले गया लेकिन पुलिस ना तो केस दर्ज कर रही है और ना ही बेटी लौट सकी है। इस पर मुख्यमंत्री नाराज हो गए और डीआईजी को कार्रवाई के लिए कहा।
मामला संज्ञान में आने पर डीआईजी ने एसपी देवरिया से बात की तो पता चला कि 26 जनवरी को तहरीर दी गई थी, मगर केस 6 फरवरी को दर्ज किया गया है। इसके बाद डीआईजी ने पूरे प्रकरण पर नाराजगी जाहिर करते हुए एसपी देवरिया को जांच सौंप दी है।
डीआईजी राजेश मोदक ने कहा कि प्रकरण में प्रथमदृष्टया पुलिस की लापरवाही उजागर हो रही है। एसपी देवरिया को जांच का आदेश दिया गया है। रिपोर्ट आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।