मां और बड़े भाई की मौत का सदमा 12 वर्षीय चंदन पर ऐसा टूटा कि शनिवार को वह बार-बार बिलख-बिलख कर दोनों को निहारता रहा। कभी मां के शव के पास जाकर फूट-फूटकर रोता तो कभी बड़े भाई सूरज को याद कर बेसुध हो जाता।
मुक्तिपथ पर जब बिंदु देवी और सूरज यादव को एक ही चिता पर अंतिम विदाई दी गई तो चंदन की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा। उसकी हालत देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। बेलवा देखली गांव निवासी राजकुमार यादव की पत्नी बिंदु देवी (42) और उनके बड़े बेटे सूरज (16) की शुक्रवार को सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
शनिवार को दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद दुबई में नौकरी कर रहे राजकुमार घर लौटे और पत्नी-बेटे को मुखाग्नि दी। एक ही चिता पर दोनों की अंतिम विदाई का दृश्य देख हर कोई स्तब्ध था।
अंतिम संस्कार में गांव और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित पहुंचे। मुक्तिपथ पर उमड़ी भीड़ के बीच जब चिता को मुखाग्नि दी गई तो माहौल करुण क्रंदन से भर गया। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि जिस मां-बेटे को एक दिन पहले हंसते हुए घर से निकलते देखा था, उन्हें अब एक साथ विदा करना पड़ रहा है।
अंतिम संस्कार में जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र यादव, प्रेमनाथ यादव, सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन रामदरश विद्यार्थी, प्रधान अतुल यादव, संतलाल, रमेश यादव, सुरेंद्र यादव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
हादसे में गई थी जान
गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के बेलवा गांव निवासी बिंदु देवी (42) पत्नी राजकुमार अपने 16 वर्षीय पुत्र सूरज यादव के साथ शुक्रवार को बाइक से आजमगढ़ दवा लेने जा रही थीं। दोनों रामनगर पुलिस बूथ के पास पहुंचे ही थे कि सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद मां-बेटे बाइक समेत ट्रेलर के नीचे आ गए। चालक ट्रेलर रोकने के बजाय दोनों को कुचलते हुए कुछ दूर तक चला गया। जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।