शहर में बने सात केंद्रों पर जांची जाएंगी सात लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू होगा। मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए शासन ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार, एक शिक्षक को एक दिन में अधिकतम 50 कॉपियां ही जांचने की अनुमति होगी। इससे ज्यादा कॉपियां किसी भी शिक्षक को नहीं दी जाएंगी।
इसके अलावा एक शिक्षक को पूरे मूल्यांकन अवधि में हाईस्कूल की अधिकतम 700 और इंटरमीडिएट की 600 उत्तर पुस्तिकाएं ही जांचने की अनुमति होगी। इससे मूल्यांकन की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी और कॉपियों की जांच अधिक सावधानी से हो सकेगी। पूरे मूल्यांकन कार्य की निगरानी के लिए जुबिली इंटर कॉलेज में एक विशेष मॉनिटरिंग सेल बनाया गया है, जहां से सभी केंद्रों की गतिविधियों पर सतत नजर रखी जाएगी।
10वीं व 12वीं की कॉपियों की जांच के लिए शहर में सात मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। वहां विभिन्न जिलों से पहुंचीं कॉपियों की जांच की जाएगी। इन केंद्रों में जुबिली इंटर कॉलेज, एमजी इंटर कॉलेज, एमएसआई, मारवाड़ इंटर कॉलेज, रेलवे बौलिया इंटर कॉलेज, नेहरू इंटर कॉलेज, राजकीय अयोध्या दास बालिका इंटर कॉलेज शामिल हैं। इन केंद्रों पर करीब सात लाख उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। कॉपियों की जांच के लिए लगभग सात हजार से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जो निर्धारित समय सीमा के भीतर मूल्यांकन कार्य पूरा करेंगे।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था के अनुसार मूल्यांकन कार्य कराया जाएगा। एक शिक्षक एक दिन में 50 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकेंगे। मूल्यांकन के लिए सात केंद्रों पर लगभग सात हजार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। यदि किसी उत्तरपुस्तिका में पैसे या कोई अन्य सामग्री मिलती है तो उसे तत्काल राजकोष में जमा कराया जाएगा।