डाक विभाग की ऑनलाइन सेवाओं में पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) लाभकारी साबित हुई है। पिछले 28 महीने के दौरान आईपीपीबी ने 76806 खाते खोलकर रिकॉर्ड बनाया है। चार सितंबर 2018 को इसकी शुरुआत हुई थी। लॉकडाउन की अवधि में 36 हजार से अधिक खाते खोले गए। बैंक के माध्यम से खाताधारक गांव या शहर में डाकघर की सभी सेवाओं का लाभ ऑनलाइन ले सकते हैं।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की पहल
भारतीय डाक विभाग के आईपीपीबी ने पेंशनधारकों के जीवन प्रमाण पत्र के लिए सरल और सुगम बायोमेट्रिक सेवा शुरू की है। इसके तहत ऑनलाइन इस सेवा का लाभ मात्र 70 रुपये का भुगतान कर पेंशनधारक ले सकते हैं। एक नवंबर 2020 से अभी तक लगभग 800 पेशनधारकों ने अपना जीवन प्रमाण पत्र (डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट) बनवाया है। इसके लिए इन्हें सरकारी विभागों का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। दरअसल, इसके तहत पंजीकरण कराने पर डाकिए घर जाकर ही जीवन प्रमाण पत्र बना देते हैं।
पेंशनभोगियों के लिए लाभदायक
-आधार नंबर (जो कि पेंशनर के संबंधित कार्यालय में पहले से अवश्य पंजीकृत हो)
-मोबाइल नंबर (ओटीपी के लिए)
-पीपीओ नंबर, पेंशन अकाउंट नंबर, बैंक आईएफएफसी कोड जिसमें पेंशन आनी हैं।
26 महीनों में आईपीपबी में खुले कुल खाते
- 1 सितंबर 2018 से 31 मार्च 2019 तक खुले खाते : 10295
- 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक खुले खाते : 28982
- 1 अप्रैल 2020 से 31 दिसंबर तक खुले खाते : 36793
प्रवर डाक अधीक्षक मनीष कुमार ने कहा कि डाकघर की इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक में खाता खुलवाना आसान है। इसके साथ ही ऑनलाइन माध्यम से डाकघर व आईबीबीपी की सभी सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।