जीडीए में दर्ज कराई गईं आपत्तियों में से अधिकतर भू उपयोग परिवर्तन से जुड़ी हैं। ग्रीन लैंड को आवासीय करने, मुख्य सड़क पर स्थित भूखंडों का भू उपयोग व्यावसायिक करने को लेकर भी सुझाव व आपत्तियां दी गई हैं। विनियमितीकरण से जुड़ी आपत्तियां भी खूब आई हैं। विस्तारित क्षेत्र में फोरलेन के किनारे जिनकी जमीन है, उनकी ओर से भी आपत्ति दर्ज कराई गई हैं।
फोरलेन के किनारे हाईवे फैसिलिटी जोन के तहत दोनों ओर 30-30 मीटर बफर जोन व उसके बाद 18-18 मीटर चौड़ी सर्विस लेन बनाई जानी है। इस बीच कई लोगों की जमीन आ रही है। बड़ी संख्या में इन लोगों ने भी आपत्ति दाखिल की हैं। इसके साथ ही वन क्षेत्र, प्राकृतिक नाला के आसपास निर्माण पर रोक को लेकर किए गए प्रावधान के विरोध में भी आपत्तियां आई हैं।
जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि महायोजना के प्रारूप पर आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा बीत चुकी है। करीब 11 हजार आपत्तियां आई हैं। प्रवृत्ति के अनुसार उसे अलग-अलग किया जा रहा है। जल्द ही सुनवाई की तिथि घोषित कर दी जाएगी।